मुखर्जी के भाषण ने भारत के गौरवशाली अतीत का स्मरण कराया: संघ

नागपुर. (भाषा) राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कहा है कि कल संगठन के मुख्यालय में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण में देश के गौरवशाली अतीत की याद दिलायी और उन्होंने समावेशी, बहुलतावाद एवं विविधता में एकता को भारत की बुनियाद बताया।

संघ के प्रचार प्रमुख (आधिकारिक प्रवक्ता) अरुण कुमार ने कल रात प्रेट्र को बताया, ‘‘मुखर्जी के भाषण ने राष्ट्र के गौरवशाली अतीत की याद दिलायी… देश की 5,000 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत की याद दिलायी। हमारी व्यवस्था भले ही बदल सकती है लेकिन हमारे मूल्य वही रहेंगे। उन्होंने समावेशी, बहुलवाद और विविधता में एकता को भारत की नींव बताया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कार्यक्रम में शामिल होने और राष्ट्र, राष्ट्रवाद तथा देशभक्ति की विचारधारा पर अपने विचार रखने के लिये हम लोग उनका धन्यवाद करते हैं।’’ मुखर्जी ने कल अपने भाषण में ‘‘धर्म, घृणा, हठधर्मिता और असहिष्णुता के जरिए भारत को परिभाषित करने के किसी भी प्रयास के प्रति चेताते हुए कहा कि इससे केवल हमारा अस्तित्व ही कमजोर होगा।