मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में छह और तीर्थ-स्थल जुड़े

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में अब तक प्रदेश में ढाई लाख बुजुर्ग को तीर्थ-यात्रा करवाई जा चुकी है। मध्यप्रदेश की तर्ज पर यह योजना राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में लागू की जा चुकी है। आगे महाराष्ट्र में भी लागू की जा रही है।

जारी वर्ष में योजना में करीब सवा लाख बुजुर्ग को तीर्थ-यात्रा करवाई जायेगी। योजना के तीर्थ-स्थलों में अब अयोध्या, मथुरा, प्रयाग, गंगासागर, सेंट थामस चर्च केरल और संत कबीर के जन्म-स्थान लहरतारा को भी शामिल किया जायेगा। यह जानकारी आज यहाँ योजना की समीक्षा के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ली गई बैठक में दी गयी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा भी उपस्थित थे।

श्री चौहान ने बैठक में कहा कि योजना को और बेहतर बनाने की कोशिशें लगातार की जायें। यात्रियों को तीर्थ-यात्रा के दौरान दिये जाने वाले भोजन तथा अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता की जाँच समय-समय पर की जाये। उन्होंने कहा कि तीर्थ-यात्रा पर जाने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाये। यात्रा के दौरान ट्रेन में चिकित्सक की व्यवस्था रहे। इस बात के प्रयास हों कि यात्रा के दौरान मंत्री या मंत्री स्तर के निगम-मंडलों के पदाधिकारी भी जायें।

बैठक में कैलाश मानसरोवर की यात्रा का प्रति यात्री अनुदान 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रूपये करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में नि:शक्तजनों के लिये उम्र का बंधन शिथिल करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में बताया गया कि योजना में जिलों में विकासखंड और नगरों में जोन को इकाई बनाया गया है। प्रत्येक यात्रा में एक राजपत्रित अधिकारी को साथ में भेजा जा रहा है। योजना में अब तक 249 ट्रेन से यात्रियों को तीर्थ-यात्रा पर भेजा गया है। हर यात्रा के बाद यात्रियों से यात्रा संबंधी फीड बेक लिया जाता है।

 

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