मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना से जुड़ें, हो सकती है 15 हजार तक की मासिक आय

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट लगाने वालों को 15 हजार रुपये तक मासिक आय हो सकती है। सरकार इन्हें प्रति यूनिट साढ़े चार रुपये के हिसाब से भुगतान करेगी। सरकार कोरोना के कारण राज्य में वापस लौटे प्रवासियों को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई नई योजनाएं लागू कर रही है। इनमें मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना भी एक है। इस योजना का अभी खाका तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपने गांव में 25 किलोवाट तक का सोलर प्लांट लगा सकता है। इसे लगाने के इच्छुक व्यक्तियों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। सोलर प्लांट लगाने वालों के साथ सरकार करार भी करेगी। इसके बाद सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली की खरीद भी सरकार ही करेगी। इससे तकरीबन 10 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिल सकेगा। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जा रही है। दिक्कत वहां आ रही हैं, जहां परिवार में कोई बचा ही नहीं है। प्रविधान यह है कि राहत राशि केवल आश्रितों को ही दी जा सकती है। राहत राशि देने के ऐसे प्रकरण ही अब लंबित हैं।

सौर ऊर्जा और मुर्गी पालन के प्रोजेक्ट स्वीकृत

सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उद्योगों की स्टेट इंपावर्ड कमेटी की बैठक में सौर ऊर्जा और मुर्गी पालन के प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान की गई। इन दोनों प्रोजेक्ट की कुल लागत 56 करोड़ रुपये है। इनसे 81 व्यक्तियों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में बागनाथ पावर प्राइवेट लिमिटेड के 12.936 करोड़ की लागत से बनने वाले सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट को चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। इसी क्रम में भगवानपुर में 43.71 करोड़ की लागत से प्रस्तावित मुर्गी पालन प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई। इससे 68 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। बैठक में मेगा इंडस्टियल पॉलिसी के तहत चार कंपनियों को बिलों में छूट और अनुदान के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। दो कंपनियों को स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई। ऊषा एल्युमिनियम प्राइवेट लिमिटेड, कॉर्बेट आइकन स्पा एंड रिजॉर्ट, रैसून एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड तथा बहल पेपर मिल के प्रस्तावों को अगली बैठक में रखने को कहा गया।