मोदी का रूस दौरा: डिफेंस और न्यूक्लियर एनर्जी पर हो सकती है डील

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के रूस दौरे पर बुधवार को रवाना हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस विजिट के दौरान भारत-रूस के बीच डिफेंस और न्यूक्लियर एनर्जी पर डील हो सकती है। रशियन प्रेसिडेंट पुतिन के साथ आज डिनर पर मोदी की मुलाकात होगी।
क्यों जा रहे हैं मोदी?
– मोदी 16वीं इंडिया-रशिया एनुअल मीट में हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं।
– यह मीटिंग हर साल होती है।
– रूस और भारत के नेता और अफसर अहम मुद्दों पर बातचीत करते हैं।
– पीएम बनने के बाद मोदी इसमें पहली बार शामिल होंगे।
रशियन इंडस्ट्रियलिस्ट्स से भी मिलेंगे
– बुधवार को मोदी और पुतिन 18 भारतीय और 34 रशियन इंडस्ट्रियलिस्ट्स से मुलाकात करेंगे।
– मोदी इंडियन कम्युनिटी के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
दोनों देशों के बीच किन मुद्दों पर हो सकते हैं समझौते?
– मोदी-पुतिन की बातचीत के दौरान न्यूक्लियर एनर्जी, हाइड्रोकार्बन, डिफेंस और बिजनेस के कुछ मामलों में समझौतों की उम्मीद की जा रही है।
– आईएस के खिलाफ कार्रवाई के अलावा यूक्रेन-सीरिया पर दोनों नेता बातचीत कर सकते हैं।
क्या कहा भारत के फॉरेन सेक्रेटरी ने?
– फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर ने बताया कि रूस और भारत के बीच कई समझौते हो सकते हैं।
– दोनों देशों के बीच इकोनॉमिक को-ऑपरेशन 10 अरब डॉलर से बढ़ाकर अगले 10 साल में 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट है।
– ऑयल और हीरा कारोबार के अलावा एग्रीकल्चर सेक्टर से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी बातचीत किसी नतीजे तक पहुंच सकती है।
क्या है रूस दौरे पर मोदी का शेड्यूल?
बुधवार
1.00 pm: पालम एयरपोर्ट से रवाना होंगे।
7.30 pm: मॉस्को पहुंचेंगे।
10.30 pm: पुतिन के साथ डिनर पर बातचीत करेंगे।
गुरुवार
12.30 pm: एक स्मारक का दौरा करेंगे।
5.10 pm : सैनिकों से जुड़े मकबरे का दौरा करेंगे।
5.30 pm : दोनों देशों के बीच बायलेट्रल (द्विपक्षीय) बातचीत होगी।
7.45pm : सीईओज से मुलाकात करेंगे। पुतिन साथ होंगे।
8.45 pm : डील्स पर साइन किए जाएंगे।
9.00 pm : प्रेस स्टेटमेंट जारी होगा।
10.00 pm : फ्रेंड्स ऑफ इंडिया के प्रोग्राम में शामिल होंगे। इसमें 3000 लोगों की मौजूदगी में स्पीच देंगे।
(शेड्यूल भारतीय वक्त के मुताबिक)
रूस ने दिया है नए और सस्ते सुखोई जेट का ऑफर
– रूस ने भारत को नए और सस्ते सुखोई टी-50 फाइटर जेट खरीदने का ऑफर दिया है।
– सूत्रों के मुताबिक, जो ऑफर दिया गया है, उसमें भारत को 6 बिलियन डॉलर की जगह 3.7 बिलियन डॉलर ही चुकाने होंगे।
– बताया जा रहा है कि मोदी और पुतिन की बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर डील हो सकती है।
– इन फाइटर जेट को लेकर 2007 में डील हुई थी। दोनों देशों का ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट कामयाब रहा है।
– दोनों देशों के बीच सिंगल सीट वाले फाइटर जेट को लेकर भी डील हो सकती है।
– 30 बिलियन डॉलर की इस डील में शुरू में दोनों देश 6-6 बिलियन डॉलर कॉन्ट्रिब्यूट करेंगे।
– हालांकि, अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
– बताया ये भी जाता है कि इंडियन एयरफोर्स सिंगल सीटर फाइटर जेट को काफी महंगा मानते हुए इन्हें खरीदने के पक्ष में नहीं है।
रूस से और क्या चाहता है भारत?
– दिल्ली और मॉस्को में सीनियर अफसरों के मुताबिक, भारत यासेन क्लास सबमरीन लीज पर लेने की प्लानिंग कर रहा है।
– यासेन क्लास रूस की सबसे लेटेस्ट न्यूक्लियर सबमरीन है। यह रूसी नेवी का हिस्सा है।
– इसके साथ ही भारत रूस में नई बोट बनाने में भी पार्टनरशिप चाहता है।
– भारत रूस से न्यूक्लियर सबमरीन बनाने की एक्सपर्टाइज हासिल करना चाहता है।
– फरवरी में मोदी सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए में 6 न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन बनाने के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी।
– हालांकि, रूस अब डील को लेकर क्यों आनाकानी कर रहा है, यह साफ नहीं है।
बात नहीं बनी तो?
अगर किसी वजह से रूस से बात नहीं बनी तो भारत यूएस और फ्रांस से भी सबमरीन की बात कर सकता है।