मोदी की काशी बन पाएगी क्‍योटो? RTI में हुआ ये खुलासा

वाराणसी. मोदी के संंसदीय क्षेत्र काशी को क्योटो की तर्ज पर डेवलप करने का सपना दिखाने वाले नगर निगम के मेयर ऑफि‍स के पास इससे रिलेटेड कोई जानकारी ही नहीं है। छावनी परिषद के सदस्‍य शैलेंंद्र सिंह ने आरटीआई दायर किया था, जिसका जवाब में ये खुलासा हुआ है।
क्‍या है चिलचस्‍प बात…
दिलचस्प बात है कि 30 अक्टूबर 2014 को क्योटो के डिप्टी मेयर के 6 सदस्यी टीम के साथ दो दिवसीय काशी दौरे पर भी आए थे। तब निगम के अधिकारीयों की बैठक और मेयर राम गोपाल मोहले खुद उनके साथ थे। इस मामले में मेयर राम गोपाल मोहले और नगर आयुक्त को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
5 दिनों तक क्‍योटो धूमे थे अधि‍कारी
19 अप्रैल 2015 को वाराणसी के विकास का ब्लू प्रिंट समझने को मेयर राम गोपाल मोहले के नेत्तृत्व में नगर आयुक्त उमाकांत त्रिपाठी, वाराणसी के तत्‍कालीन कमिश्नर आरएम श्रीवास्तव, तत्‍कालीन डीएम प्रांजल यादव ने जापान के शहर क्योटो का 5 दिनों तक भ्रमण भी किया था। कांग्रेस जनसूचना प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बैजनाथ सिंह कहा कि विडंबना है कि बिना किसी पत्रावली के वाराणसी के मेयर, अधिकारियों की टीम के साथ क्योटो का दौरा कैसा किया? या तो निगम के जनसूचनाधिकारी झूठी सूचना दे रहे हैं या तो काशीवासियों को झूठा सपना दिखा कर प्रधानमंत्री मोदी और मेयर के द्वारा धोखा जा रहा है।
नगर निगम से 10 मई 2016 को मांगी गई सूचना
(1) यह की काशी के विकास हेतु जापान के क्योटो शहर के अधिकारियों और वहां की सरकार के साथ क्या समझौता हुआ है ये समझौता सीधे भारत सरकार, उ०प्र० सरकार या नगर निगम के साथ हुआ है उसका विवरण क्या है?
(2) यह कि उस समझौते के क्रियान्वयन की अबतक की प्रगति क्या हैं? उसका विवरण क्या हैं।
(3) यह कि जापान के क्योटो शहर के आधिकारिक दल के साथ यहा के अधिकारियों ने क्या कार्ययोजना बनाया इस निमित्त बने एमओयू की हस्ताक्षर सहित सत्य प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए।
(4) प्रधानमंत्री के कार्यालय स्तर से काशी को क्योटो की तर्ज पर विकसित किए जाने की अद्यतन स्थिति क्या हैं? विवरण देने का कष्ट करें।