मोदी की 3 ड्रीम योजनाओं पर भारी पड़ा व्यापमं, गूगल ट्रेंड में सबको छोड़ा पीछे

भोपाल. व्यापमं घोटाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन बड़ी योजनाŽ पर भारी पड़ रहा है। कम से कम पिछले एक महीने के गूगल ट्रेंड तो यही बता रहे हैं। गूगल ट्रेंड पर मोदी की सेल्फी विद डॉटर, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान की तुलना में व्यापमं घोटाले की तस्वीर ज्यादा नजर आ रही हैं। इसमें व्यापमं घोटाले के बारे में सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। इसके मुकाबले मोदी की योजनाŽ को जानने में लोगों की दिलचस्पी बहुत कम है।
गूगल ट्रेंड बता रहे हैं कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाहर भी लोग व्यापमं घोटाले के बारे में जानना चाहते हैं इन दो राज्यों के बाद सबसे ज्यादा दिलचस्पी मोदी के गृह प्रदेश गुजरात के लोगों में है। इसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में व्यापमं सर्च किया जा रहा है। दिल्ली को छोड़कर इन सभी जगहों पर भाजपा की सरकार है। गूगल पर व्यापमं स्कैम और व्यापमं एमपी की-वर्ड सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है।

 

सोमवार को एसटीएफ से मिल सकती है सीबीआई
कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई की टीम सोमवार को एसटीएफ के दफ्तर पहुंचकर व्यापमं की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के सभी 55 मामले टेकओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इस बीच सीबीआई को ये फैसला लेना है कि व्यापमं घोटाले की जांच अपनी किस यूनिट से करवाई जाए। इधर, एसटीएफ पर निगरानी के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी एसआईटी के मुखिया चंद्रेश भूषण के मुताबिक अब एसआईटी को आगे कोई काम करना है या नहीं, इसका फैसला हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ही करेगी।
वर्ल्ड मीडिया- व्यापमं में भ्रष्टाचार के केस से हैरान हुआ भारत
न्यूयॉर्क टाइम्स – आज कोई नहीं मरा। कम से कम जब हम अखबार छाप रहे थे तब। ये उन करोड़ों भारतीयों के लिए अहम है जो व्यापमं में भ्रष्टाचार के सिस्टम के खुलासे से मतलब रखते हैं। इस केस में दर्जनों मारे गए हैं। एक्टिविस्ट यह आंकड़ा 150 बता रहे हैं।
भारत का सबसे बड़ा घूसघोरी का मामला
वॉशिंगटन पोस्ट- कोई नहीं जानता कि कब और क्यों, व्यापमं से जुड़े गवाह और दलाल संदेहास्पद परिस्थितियों में मारे जाने लगे। भारत में घोटाले रुटीन हैं। लेकिन घूसखोरी के इसे सबसे बड़े मामले की कहानी डरावनी होती जा रही है। ये खून से सना घोटाला है।
छानबीन कर रहे जर्नलिस्ट भी असुरक्षित
अमेरिका का टाइम- यह घोटाला 2013 में उजागर हुआ। तब से 2000 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 40 से ज्यादा की रहस्यमयी मौत हो चुकी है। इसे कवर करने वाले पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है। छानबीन करने एमपी आए पत्रकार की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
घोटाले में रहस्यमयी मौतों से हर कोई हैरान
यूके का टेलीग्राफ- मध्यप्रदेश में हजारों छात्रों ने घूस देकर नौकरी और मेडिकल की डिग्री हासिल की। रहस्यमयी मौतों से हर कोई हैरान है। यहां प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी बीजेपी सत्ता में है। विपक्ष कह रहा है कि मोदी आरोपियों को बचा रहे हैं।
ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा का क्या हुआ? : राहुल
मेरा सिर्फ एक सवाल है। प्रधानमंत्री, आप जो कहते हैं उसमें वजन होना चाहिए। आपने कहा था, ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’। आप शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कदम क्यों नहीं उठा रहे हैं?’
-राहुल गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष
पीड़ितों के परिवार को मिलना चाहिए न्याय
पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री के लिए जरूरी है कि वह इस्तीफा दें, ताकि जांच सही ढंग से हो सके। यदि उन्हें क्लीन चिट मिलती है तो वह वापस मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं। – टाम वडक्कन, कांग्रेस प्रवक्ता
मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के असंतोष व्यक्त किए जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। – आशीष खेतान, प्रवक्ता, आप
व्यापमं घोटाले को सीबीआई अपने मौजूदा संसाधनों में संभाल ले तो बहुत बड़ी बात होगी। – किरण बेदी, पूर्व आईपीएस

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