मोदी के ‘पीएम’ पद के रास्ते में आडवाणी अब भी बनेंगे रोड़ा!

tatpar 12 june 13

दिल्ली। वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी पदों से इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने संघ से इसकी एवज में भाजपा में बड़े फैसले (पीएम पद की उम्मीदवारी) के लिए वीटो का आश्वासन हासिल किया है। इस्तीफा भी उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के आग्रह पर वापस लिया है। राजनाथ सिंह को यह वचन देना पड़ा है कि पार्टी के क्रियान्वयन और इसके लिए चर्चा प्रक्रिया में आडवाणी शामिल होंगे।

नरेंद्र मोदी को चुनाव अभियान समिति का मुखिया बनाने की प्रक्रिया में आडवाणी को अलग-थलग रखा गया था। मोदी के नाम का ऐलान कराने के लिए स्वयं सर कार्यवाह सुरेश सोनी गोवा में मौजूद रहे। इसी से नाराज होकर उन्होंने पार्टी के संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति और कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया।

गौरतलब है कि मोदी को लेकर जिस तरह से आडवाणी का साथ उनके अपनों ने भी छोड़ दिया और वह अलग-थलग पड़े, तो पार्टी में अपनी धमक हासिल करने के लिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया। भाजपा नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश सोमवार को की लेकिन वह नहीं माने। आडवाणी के इस रुख के बाद सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, राजनाथ सिंह सहित तमाम बड़े नेता आडवाणी से मिले लेकिन मनाने की कोशिश विफल रही।