मोदी-ट्रम्प की मुलाकात आज, US प्रेसिडेंट के साथ डिनर करने वाले पहले वर्ल्ड लीडर

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी सोमवार को डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। मोदी के सम्मान में ट्रम्प व्हाइट हाउस में डिनर देंगे। व्हाइट हाउस में खुद ट्रम्प मोदी की अगवानी करेंगे। ट्रम्प के साथ व्हाइट हाउस में डिनर करने वाले वे दुनिया के पहले नेता होंगे। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में अातंकवाद, न्यूक्लियर डील समेत कई मुद्दे अहम रहेंगे। इससे पहले मोदी ने रविवार को वर्जीनिया में भारतीय कम्युनिटी को संबोधित किया और 21 कंपनियों के CEOs से बात की।
मोदी के दौरे को खास बनाने की तैयारी…
– एक सीनियर ऑफिशियल के मुताबिक, “मोदी के दौरे को व्हाइट हाउस स्पेशल बनाने की तैयारी कर रहा है। मोदी के लिए रेड कारपेट वेलकम होगा। दोनों नेता एक साथ डिनर करेंगे। ये व्हाइट हाउस में होने वाला वर्किंग डिनर होगा। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान व्हाइट हाउस में डिनर करने वाले मोदी दुनिया के पहले नेता होंगे।”
– “दोनों नेताओं की वन-टू-वन मीटिंग होगी। इसमें करीब एक घंटे बाइलेटरल रिलेशन पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रेस स्टेटमेंट जारी किया जाएगा।”
– “इसके बाद दोनों नेता कॉकटेल रिसेप्शन में शिरकत करेंगे और साथ में डिनर लेंगे। इस दौरान भी कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत होगी।”
– “दोनों नेताओं की मीटिंग के दौरान यूएस के वाइस प्रेसिडेंट माइक पेंस, नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (एनएसए) लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर, विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन, डिफेंस मिनिस्टर जेम्स मैटिस समेत कई आला अफसर मौजूद रहेंगे।”
इन 6 मुद्दों पर हो सकती है बात
1. एशिया-पैसिफिक रीजन और दुनिया में स्टेबिलिटी और सिक्युरिटी को मजबूत करना।
2. आतंकवाद।
3. इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाना।
4. भारतीय फौज का तेजी से मॉडर्नाइजेशन करना।
5. सिविल न्यूक्लियर डील।
6. एच1बी वीजा।
वर्जीनिया में भारतीय कम्युनिटी को किया संबोधित
– रविवार को मोदी ने वर्जीनिया में भारतीय कम्युनिटी से कहा, ”पीएम बनने के बाद आपने मेरे लिए इतने बड़े प्रोग्राम किए कि दुनिया के लिए ये मेरी पहचान बन गए। हमारी सरकार पर 3 साल में कोई दाग नहीं लगा। पहले आतंकवाद की परेशानी को कोई मानने को तैयार नहीं था, लेकिन अब खुद आतंकियों ने कई देशों को इसे समझा दिया। दुनिया ने हमारी सर्जिकल स्ट्राइक की ताकत देखी, पर किसी ने सवाल नहीं उठाए, जिन्हें भुगतना पड़ा उन्हें छोड़कर।”
– ”पिछले 20 साल में कई बार मुझे अमेरिका आने का मौका मिला। जब सीएम नहीं था, पीएम नहीं था, तब अमेरिका के करीब 30 स्टेट्स का मैंने भ्रमण किया। हर बार किसी ना किसी स्वरूप में यहां बसे हुए आप सब परिवारजनों से मिलने का मौका मिलता रहा।”
– “इन दिनों भारत में जिन विषयों पर सरकारें बदनाम होती रहीं और बदलती रहीं, उसका कारण ये नहीं था कि किसी को कुछ चाहिए था और मिला नहीं। असंतोष का कारण वो नहीं था। भारत का आम आदमी में, जैसे आप लोग हैं, संतोष का संस्कार है। जवान बेटा मर जाएगा तो मां-बाप कहेंगे कि ईश्वर की इच्छा थी। ये हमारे सोचने की प्रकृति है। सरकारें बदलने की बड़ी वजह है भ्रष्टाचार, बेईमानी। देश के आम आदमी को इससे नफरत है। 3 साल में अब तक इस सरकार पर दाग नहीं लगा।”
21 CEOs से की मुलाकात
– मोदी ने रविवार को ही अमेरिका के टॉप 21 CEOs से मुलाकात की। इस राउंड टेबल मीटिंग में मोदी ने GST को गेम चेंजर बताते हुए कहा, “पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, हमारी सरकार ने 7000 रिफॉर्म्स किए हैं।”
– बिजनेस लीडर्स को इन्वेस्टमेंट का न्योता देने के साथ ही मोदी ने कहा, “हमारी ग्रोथ ने अमेरिका-इंडिया दोनों को ही पार्टनरशिप में फायदे का मौका दिया है। कंपनियों को इसमें कॉन्ट्रिब्यूशन करने का अच्छा मौका है।”
– बता दें कि जिन कंपनियों के CEOs से मोदी ने मुलाकात की, उनमें से 19 कंपनियों की मार्केट वैल्यू 210 लाख करोड़ रुपए यानी 210 ट्रिलियन है।
– मोदी ने कहा, “GST लागू करना ऐतिहासिक पहल है। इसे अमेरिका के बिजनेस स्कूलों में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सकता है।”
– पीएम ने भारत में इनोवेशन, इंटेलेक्चुअल्स के इस्तेमाल, एजुकेशन और पेशेवर ट्रेनिंग के सेक्टर में संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि सफाई, उनके प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी को स्कूल जाने वाली लड़कियों की जरूरतों से जोड़ा जाए।

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