मोदी ने इंडोनेशिया के कालीबाटा में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, दोनों देशों में प्रौद्योगिकी में सहयोग पर बनी सहमति

जकार्ता. भारत और इंडोनेशिया के बीच प्रौद्योगिकी, समुद्र में सुरक्षा, कारोबार और निवेश को लेकर सहमति बनी है। राष्ट्रपति जोको विदोदो के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात कही। दोनों नेताओं की ओर से साझा बयान जारी किया गया। इससे पहले बुधवार सुबह मोदी विदोदो के साथ कालीबाटा स्मारक गए, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं। यहां दो दिन रुकने के बाद वे मलेशिया और सिंगापुर जाएंगे। मोदी का इंडोनेशिया का पहला और सिंगापुर का दूसरा दौरा है।

कालीबाटा में किन सैनिकों की कब्र है?

– यहां उन सैनिकों को दफन किया गया है जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के समय इंडोनेशिया को डच से आजादी दिलाई थी। यहां 1000 जापानी सैनिक भी दफन हैं। उन्होंने आजादी की इस जंग में इंडोनेशिया का साथ दिया था। यह कब्रिस्तान 1953 में बनाया गया था।

तीनों देशों से भारत का साढ़े तीन लाख करोड़ का कारोबार है

इंडोनेशिया में 1 लाख भारतीय

– इंडोनेशिया से 2005 में रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत हुई थी। वहां एक लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। इन्हें मोदी संबोधित करेंगे। दक्षिण-पूर्व एशिया में इंडोनेशिया, भारत का सबसे बड़ा पार्टनर है। उसके साथ सालाना 1.22 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होता है।

मलेशिया में 20 लाख भारतीय
– मलेशिया के साथ 71 साल पहले राजनयिक रिश्ते की शुरुआत हुई। 2010 में रणनीतिक साझीदारी की पहल हुई। अभी दोनों देशों के बीच करीब 1 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होता है। वहां 20 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। मोदी गुरुवार को वहां कुछ घंटे रहेंगे।

– सिंगापुर हमारे लिए अहम है, क्योंकि वहां 8 लाख भारतीय रहते हैं। 8 हजार भारतीय कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। दोनों देशों के बीच अभी 1.2 लाख करोड़ का सालाना कारोबार होता है। उम्मीद है कि सिंगापुर से कारोबार बढ़ाने और चीन का विकल्प बनने की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।

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