मोदी ने दिए समस्या सुलझाने के संकेत, कहा- वहां हमारे लोग मर रहे हैं, दर्द तो होता ही है

नई दिल्ली.कश्मीर में आतंकी बुरहान के एनकाउंटर के बाद जारी बवाल के 46 दिन हो चुके हैं। नरेंद्र मोदी ने वहां समस्या सुलझाने के संकेत दिए हैं। सोमवार को मोदी ने कहा, “घाटी में जान गंवा रहे युवा, फौजी और पुलिसकर्मी हमारे ही लोग हैं। उनकी मौत पर दर्द होता है।” हालांकि, इससे पहले राजनाथ सिंह और अरुण जेटली हिंसक तत्वों पर नरमी न बरतने की वॉर्निंग दे चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर के डेलिगेशन ने की मोदी से चर्चा…
– जम्मू-कश्मीर अपोजिशन के डेलिगेशन से मुलाकात के दौरान मोदी ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई। उन्होंने संविधान के दायरे में वार्ता से समस्या का स्थायी हल ढूंढने की जरूरत बताई।
– इस बीच, राजनाथ ने भी सीनियर सिक्युरिटी अफसरों के साथ घाटी के हालात की समीक्षा की। बैठक में शांति बहाली के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
– बता दें कि घाटी में हिंसा में अब तक 67 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में 5 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें 4 हजार से ज्यादा जवान हैं।
कोर्ट ने कहा- राजनीतिक तरीके से ही हालात सुधरेंगे
– सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा, ‘ऑर्डर से कश्मीर के हालात नहीं सुधरेंगे। इसके लिए राजनीतिक समाधान जरूरी है।’
– कोर्ट ने पैंथर्स पार्टी के प्रेसिडेंट और पिटीशनर प्रो. भीम सिंह को इस मुद्दे पर मोदी से मिलने की सलाह दी।
महबूबा बोलीं, ठोस राजनीतिक और आर्थिक उपाय जरूरी
– सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘राज्य की समस्याओं का स्थायी हल खोजने के लिए केंद्र ठोस राजनीतिक और आर्थिक उपायों के जरिये जनता तक पहुंचे। जनता का गुस्सा शांत करना और अलगाव की भावना दूर करना जरूरी है।’
– अलगाववादियों एवं विपक्षी दलों का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, ‘सिर्फ 5% लोग घाटी में शांति भंग कर रहे हैं।’
– दो महीने बाद जम्मू आईं महबूबा सोमवार को सरकारी प्रोग्राम में शामिल हुई थीं।
नेता घरों में दुबके, आतंकियों ने महीनेभर में की छह रैलियां
घाटी में डेढ़ माह से किसी भी मंत्री, विधायक या अन्य बड़े नेता ने कोई रैली नहीं की।
– लेकिन उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में आतंकी खुलेआम रैलियां कर लोगों को अलगाववादियों के साथ चलने के लिए धमका रहे हैं। एक महीने में 6 रैलियों का ब्योरा एजेंसियों के पास है।
– 90 के दशक में आतंकवाद शुरू होने के दौरान ऐसी रैलियां खूब होती थीं। रिपोर्ट के अनुसार 19 अगस्त को दक्षिणी कश्मीर के क्यूमह में चार नकाबपोश आतंकियों ने रैली की। इससे पहले 1 अगस्त को लश्कर कमांडर अबू दुजाना नकाब पहनकर पुलवामा की रैली में पहुंचा था।
– 2 अगस्त को कुलगाम में दो आतंकियों ने, जबकि 3 को अनंतनाग के बिजबिहाड़ा के अरवानी में तीन आतंकियों ने रैली की। 14 अगस्त को दक्षिणी कश्मीर में दो रैलियों में आतंकियों ने पाक समर्थक नारे लगाए थे।
– दक्षिणी कश्मीर के डीआईजी नीतीश कुमार ने कहा कि क्यूमह रैली में आतंकियों की मौजूदगी की जांच कुलगाम के एसएसपी कर रहे हैं। केस दर्ज कर ऑर्गनाइजर्स पकड़ लिया गया है।
कश्मीर में क्यों बिगड़े हालात?
– 8 जुलाई को हिजबुल आतंकी बुरहान वानी को सिक्युरिटी फोर्सेस ने एनकाउंटर में मार गिराया था।
– इसके बाद से कई इलाकों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। लोग अभी भी पथराव कर रहे हैं।
– फोर्सेस को हालात पर काबू करने के लिए पैलेट गन चलाना पड़ रहा है।
– कई इलाकों में अब भी कर्फ्यू है।