मोदी ने प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का जिक्र किया, कहा- हामिद मेले से चिमटा लाया था, मुझे भी माताओं की चिंता

नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाय) का लाभ पाने वाली देशभर की महिलाओं से नमो ऐप के जरिए बात की। उन्होंने कहा कि हमने 4 साल में 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए। इनमें से 4 करोड़ कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए। यानी जो काम आजादी के बाद 70 साल में नहीं हुआ उससे ज्यादा हमने किया। इस योजना की कामयाबी को देखते हुए पीपीएल परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य बढ़ाकर आठ करोड़ कर दिया है।

पहले सिर्फ बड़े लोगों को एलपीजी कनेक्शन दिए गए

– मोदी ने कहा, “आजादी के करीब-करीब छह-सात दशक के बाद भी सिर्फ तेरह करोड़ परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचा था। वो भी सांसद और नेताओं की सिफारिश से मिलते थे। आप समझ सकते हैं कि शुरू में यह बड़े-बड़े लोगों को ही पहुंचाया गया। सामान्य व्यक्ति के घर में गैस चूल्हे की कल्पना नहीं हो सकती। मैं छोटा था तो बड़े लोग ऐसी बातें भी करते थे कि गैस चूल्हा नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे आग लग जाएगी। मैं पूछता था कि आप लोगों के घर में आग क्यों नहीं लगेगी तो जवाब नहीं मिलाता था।”

उज्ज्वला के तहत एलपीजी कनेक्शन बांटने का लक्ष्य आठ करोड़ किया गया

– मोदी ने कहा कि उज्ज्वला योजना की कामयाबी को देखते हुए पीपीएल परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य बढ़ाकर आठ करोड़ कर दिया गया है।

मैंने प्रेमचंद की कहानी के हामिद से सीख ली
– नरेंद्र मोदी ने कहा, “बचपन की कथा याद आती है। जो स्कूल गए होंगे उन्होंने पढ़ी होगी। मुंशी प्रेमचंद ने बहुत मशहूर कहानी ईदगाह लिखी। इसका किरदार हामिद मेले में मिठाई न खाकर अपनी दादी के लिए चिमटा लाता है, ताकि दादी के हाथ न जल जाएं। मुझे लगता है कि हामिद यह चिंता कर सकता है तो देश का प्रधानमंत्री क्यों नहीं कर सकता।”

हर घर में एलपीजी पहुंचाने का लक्ष्य

– प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जल्द ही हम सभी परिवारों तक एलपीजी गैस कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। जिन-जिन रसाई घरों में एलपीजी के चूल्हे जल रहे हैं। वहां लकड़ी, कंडे और कैरोसिन से निजात मिल चुकी है। नारी शक्ति को धुएं से मुक्ति मिली है। उन्हें बीमारियों से मुक्ति मिली है। मेरा तो बचपन ही गरीबी में बीता है। मां खाना बनाती थी तो पूरे घर में धुआं भर जाता था, तब मां मिट्टी की छत पर बने छेदों को खोल देती थी, ताकि बच्चों को धुएं से मुक्ति मिले।”

इस बार 11 लाख एलपीजी कनेक्शन बांटे

– मोदी ने कहा, “2014 से पहले तक दलितों को सिर्फ 445 पेट्रोल पंप दिए गए थे। हमने अब तक 1200 से ज्यादा पेट्रोल परिवार दलित परिवारों को दिए हैं। पुरानी सरकार में एलपीजी सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूशन का काम 900 परिवारों को मिला था। हम चार साल में 1300 परिवारों को डिस्ट्रीब्यूशन का काम दे चुके हैं।”
– “गरीबों का हक न मारा जाए इसलिए पीपीएल परिवारों के चयन की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। हमने एलपीजी पंचायत भी शुरू की है। गांव में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए यह चर्चा का बड़ा केंद्र भी बन गया है। इसमें एलपीजी के उपयोग को लेकर उनका डर दूर किया जाता है। इस पंचायत से एलपीजी के उपयोग को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस बार 20 अप्रैल को मनाए गए उज्ज्वला दिवस के दिन 11 लाख एलपीजी कनेक्शन बांटे गए।”

क्या है उज्ज्वलायोजना (पीएमयूवाय)

– यह योजना 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से शुरू की गई थी। इसका मकसद गांवों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले लकड़ी, कंडे या कैरोसिन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। सरकार इस योजना से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा भी करना चाहती है।

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