मोदी ने मचाई सियासी हलचल, अब बोले…मैं हिंदू राष्ट्रवादी

tatpar 13 july 2013

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह कहकर सियासी हलचल मचा दी कि 2002 में उन्होंने जो किया, वह बिल्कुल सही था। जब उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, तो वह खुद को कसूरवार क्यों मानें। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने एक हिंदू परिवार में जन्म लिया है, इसलिए मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं। गांधीनगर में अपने आवास पर एक साक्षात्कार के दौरान मोदी से यह पूछे जाने पर कि 2002 में जो हुआ, क्या आपको उसका अफसोस है, उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो दुख होता है। अगर मैं मुख्यमंत्री नहीं भी होता, तब भी इंसानियत के नाते मुझे गुजरात दंगों पर दुख होता। मोदी के इस बयान की कांग्रेस, सपा और जदयू समेत कई पार्टियों ने कड़ी निंदा की है और तत्काल माफी मांगने के लिए कहा है। भाजपा ने इस पर कहा कि मोदी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उधर, विधि मंत्री कपिल सिब्बल से गाड़ी के नीचे पिल्ला आने वाले बयान पर कहा कि अगर मैं कार में बैठा रहूंगा और देखूंगा कि ड्राइवर ठीक से गाड़ी नहीं चला रहा है, तो उसे सही से गाड़ी चलाने को कहूंगा। वहीं, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि अहम बात यह है कि दुर्घटना होने के बाद आप अपने ड्राइवर पर क्या कार्रवाई करते हैं और आप खुद भी इस घटना की जिम्मेदारी लेते हैं या नहीं। मोदी की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा कि इस टिप्पणी से विकत मानसिकता प्रदर्शित होती है और यह पूरी तरह से भारत की सोच के खिलाफ है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख अजय माकन ने उनकी टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि 2002 के दंगों में हजारों लोगों की जानें चली गयीं और इस पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी द्वारा प्रयुक्त तुलना निंदनीय है। सभ्य भारत में ऐसी तुलना के लिए कोई स्थान नहीं है। सपा प्रवक्ता कमल फारूकी ने कहा कि यह काफी दुखद, अत्यंत अपमानजनक और काफी परेशान करने वाला बयान है़, मोदी क्या सोचते हैं कि मुसलमान पिल्लों से भी गये—गुजरे हैं, उनके पास मुसलमानों के लिए कोई भावना नहीं है। उन्हें दुखी होना चाहिए, उन्हें माफी मांगनी चाहिए। सपा नेता ने कहा कि उन्हें ऐसी भाषा के इस्तेमाल के लिए शर्म आनी चाहिए। वह जितनी जल्दी माफी मांगें, उतना बेहतर होगा। वरना इसके गंभीर परिणाम होंगे।