मोदी सरकार ने भर दी गेहूं किसानों की झोली, लक्ष्‍य से 35 लाख टन ज्‍यादा की खरीदारी

सरकारी एजेंसियों ने चालू रबी विपणन वर्ष 2018-19 में देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक प्रदेशों में कुल 355 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद की है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य 320 लाख टन से 35 लाख टन ज्यादा है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध शुक्रवार को गेहूं की खरीद के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में सबसे ज्यादा 126.91 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है। दूसरे स्थान पर हरियाणा है जहां सरकारी एजेंसियों ने किसानों से 87.39 लाख टन गेहूं खरीदा। इसके बाद मध्यप्रदेश में 72.87 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई है।

देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में सरकारी एजेंसियों ने किसानों से 50.88 लाख टन गेहूं खरीदा है। वहीं, राजस्थान में सरकारी एजेंसियों ने 15.31 लाख टन गेहूं खरीदा है। उत्तराखंड में गेहूं की सरकारी खरीद 1.07 लाख टन हो पाई है।

बिहार में अब तक महज 9,000 टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई। वहीं, चंडीगढ़ में 14,000 टन, गुजरात में 37,000 टन और हिमाचल प्रदेश में 1,000 टन गेहूं सरकारी एजेंसियों ने खरीदा है।

एफसीआई की वेबसाइट पर उलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 355.04 लाख टन गेहूं देशभर के किसानों से सेंट्रल पूल के लिए खरीदा जा चुका है जबकि कुछ राज्यों में अभी तक गेहूं की सरकारी खरीद जारी है।

सरकारी एजेंसियां देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक प्रदेशों में केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1735 रुपये प्रति क्विंटल पर किसानों से सीधे गेहूं खरीद रही है।

केंद्रीय कृषि, सहाकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से फसल वर्ष 2017-18 (जुलाई-जून) के लिए जारी तीसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के मुताबिक, देश में इस साल गेहूं का उत्पादन 9.86 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले फसल वर्ष में देश में 9.85 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हुआ था।

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