यमुना नदी में कचरा फेंकने पर पांच हजार रूपये का मौके पर ही जुर्माना लगाया जायेगा

राष्‍ट्रीय हरित ट्राइब्‍यूनल ने कहा है कि यमुना नदी में कचरा फेंकने पर पांच हजार रूपये का मौके पर ही जुर्माना लगाया जायेगा। निर्माण संबंधी मलबे को नदी में फेंकने वालों को पचास हजार रूपये का जुर्माना भरना होगा। प्राधिकरण, यमुना नदी की सफाई पर सलाह के लिए एक समिति गठित करेगा।

राष्‍ट्रीय हरित न्‍यायाधिकरण का ये मानना है कि धार्मिक वस्‍तुओं को यमुना में विसर्जित करने से नदी की परिस्थितिकी बिगड़ रही है। यमुना दुनिया की सर्वाधिक प्रदूषित नदियों में से एक है। पेयजल के श्रोत और सिंचाई में इसके महत्‍व के बावजूद लगभग 240 करोड़ लीटर कचरा नदी में प्रतिदिन डाला जा रहा है। दिसम्‍बर 2013 में उच्‍चतम न्‍यायालय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान से नदी को साफ करने के लिए सलाह मांगी थी, क्‍योंकि इस दिशा में वर्तमान परियोजना असफल हो गई।