यात्री किराया कम कर सकती है एयर इंडिया

नई दिल्ली : एयर इंडिया ने आज संकेत दिया कि वह हवाई यात्रियों को आकर्षित करने के लिए किराए में कमी करने की होड़ में शामिल हो सकती है। जेट एयरवेज की साल के अंत तक 2,250 रुपए में 20 लाख सीटें उपलब्ध कराने की पेशकश के बाद अन्य प्रमुख निजी विमानन कंपनियां किराए कम करने की होड़ में शामिल हो गयी हैं। हालांकि सरकार को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि किराए में कमी विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा तय न्यूनतम किराया स्तर से भी नीचे चला जाएगा।

एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित नंदन ने यहां कहा, ‘हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। जैसी स्थिति होगी एयर इंडिया उसके हिसाब से कदम उठाएगी।’ बजट एयरलाइन स्पाइसजेट, गोएयर और इंडिगो किराया घटाने की होड़ में शामिल हो गयी हैं। वे जेट एयरवेज द्वारा कल हवाई किराया घटाने की घोषणा के बाद से कम किराए की पेशकश कर रही हैं। जेट एयरवेज ने इस साल के अंत तक घरेलू हवाई यात्रा के लिए कम किराए पर 20 लाख सीटें उपलब्ध कराने की पेशकश की है।

यह पूछने पर कि क्या गलाकाट प्रतिस्पर्धा से भारत में पहले से वित्तीय संकट से घिरी कंपनियों की कठिनायी और नहीं बढेगी तो नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा, ‘हम हवाई किराए का नियमन नहीं करते। हम एक प्रकोष्ठ बना रहे जो किराया दरों की निगरानी करेगा लेकिन निगरानी, किराए के नियमन से अलग है।’

एयरलाइप उद्योग के सूत्रों ने जेट की पहल पर कहा, ‘यह पहल जेट-एतिहाद सौदे से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकती है क्यों कि उस सौदे में कुछ समस्या हो गई है। साथ ही किराए में कमी का उद्देश्य पिछले कुछ दिनों में कंपनी के लुढ़के शेयर में तेजी लाना भी हो सकता है।’ इस पहल के जरिए उन्होंने कहा कि जेट अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के यात्रियों को आकषिर्त करने और करीब 400 करोड़ रुपए की नकदी जुटाना चाहता है।

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