ये बनेंगी बिहार की पहली मुस्लिम महिला आईपीएस, सोशल मीडिया से है दूरी

पटना। बिहार चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। ‘बिहार फ्लैशबैक’ सीरीज के तहत आपको बता रहा है बिहार के प्रमुख घटनाक्रम के बारे में। इसी कड़ी में आज बता रहे हैं बिहार की राजधानी पटना के पूर्व सिटी एसपी अनवर हुसैन की बेटी गुंचा सनोबर के बारे में जो प्रदेश की पहली आईपीएस बनने वाली हैं। सनोबर कहती हैं कि सोशल मीडिया पर सिर्फ लाईक्स व कमेंट से लाइफ नहीं बदलती। इसी कारण में इससे दूर रही। जिंदगी में अगर वास्तव में कुछ करना है तो मेहनत कर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
बिहार के बाढ़ जिला में जन्मी गुंचा सनोबर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने लाखों मुस्लिम लड़कियों के लिए एक नई राह दिखाई है। उनके मां व पिता दोनों बिहार के ही पश्चिम चंपारण के बेतिया शहर के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। पिता अनवर हुसैन 2007 से 2009 तक पटना के सिटी एसपी रहे। इसी साल जनवरी में ही दरभंगा से डीआईजी पद से रिटायर हुए। सनोबर के परिवार में मां के अलावा तीन बहने भी हैं। बड़ी बहन खूशबू यास्मीन दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (डीएमसीएच) से पीजी कर रही है और छोटी बहन जेबा परवीन भी मेडिकल की ही पढ़ाई कर रही है।
सिस्टम में हो सुधार
सनोबर का कहना है कि पुलिस व जेल रिफार्म बहुत ज़रूरी है। न्यायपालिका के सिस्टम में भी सुधार भी जरूरी है। गरीबों को न्याय के लिए इंतज़ार करना पड़ता है। सनेबर कहती हैं कि हमारे देश की सरकार भी इसके लिए दोषी है। सुप्रीम कोर्ट पुलिस व जेल रिफार्म दोनों पर कई दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है, पर हमारी सरकारें इसको लागू नहीं कर रही हैं। सिस्टम में ट्रांसपैरेंसी व अकाउंटेबेलिटी होना चाहिए। मैं जहां भी रहूंगी, पूरी कोशिश होगी कि लोगों को आरटीआई लगाने की ज़रूरत ही न पड़े, क्योंकि इस क़ानून में ही प्रावधान है कि अधिक से अधिक जानकारी ऑनलाईन कर दी जाए, ताकि लोगों को सूचना मांगने की जरूरत ही न पड़े।