ये रॉकेट साइंस नहीं, कोविंद ही जीतेंगे

नई दिल्ली. प्रेसिडेंट इलेक्शन के लिए सोमवार को वोटिंग हुई। इस दौरान कई नेताओं के बयान सामने आए। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा- ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है, एनडीए के नॉमिनी रामनाथ कोविंद ही जीतेंगे। पटेल का बयान इसलिए अहम है क्योंकि एनसीपी अपोजिशन की कैंडिडेट मीरा कुमार को समर्थन दे रही है। दूसरी तरफ, अरविंद केजरीवाल ने अपने विधायकों से कहा है कि वो आत्मा की आवाज या विवेक (conscience) के आधार पर वोट दें। एनडीए ने जहां कोविंद की जीत का यकीन जताया वहीं, मायावती ने कहा- राष्ट्रपति तो दलित ही होगा।
प्रफुल्ल पटेल (एनसीपी)
– “इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है। एनडीए कैंडिडेट कोविंद ही जीतेंगे। ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि क्योंकि ये जरूरी नहीं कि सभी सांसद अपने विवेक से वोट देंगे। उनको पार्टी लाइन के हिसाब से भी वोटिंग करनी है और पार्टी लाइन विचारधारा के हिसाब से अलग होती हैं।”
अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी)
– “हम मीरा कुमार का समर्थन कर रहे हैं। सबको अपने विवेक के आधार पर वोटिंग करनी चाहिए। डेमोक्रेसी में जिसको ज्यादा वोट मिलते हैं, वो ही जीतता है। ”
कपिल मिश्रा (आप के बर्खास्त मंत्री)
– “मेरा वोट उसको ही गया है जिसका राष्ट्रपति बनना तय है। ”
रणदीप सिंह सुरजेवाला (कांग्रेस स्पोक्सपर्सन)
– “देश की राजनीति में विचारों के संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखने की चुनौती इस राष्ट्रपति चुनाव में है।”
सोमनाथ चटर्जी (पूर्व लोकसभा स्पीकर)
– “लगता है एनडीए कैंडिडेट ही जीतेगा। लेकिन, खुशी है कि पश्चिम बंगाल के ज्यादातर वोट मीरा कुमार को गए।”
मायावती (बहुजन समाज पार्टी)
– “इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन जीतेगा। लेकिन, राष्ट्रपति दलित समुदाय का ही होगा।”
वेंकैया नायडू (बीजेपी)
– “रामनाथ कोविंद जी आसानी और सम्मानजनक वोटों से जीतेंगे।”
आदित्यनाथ योगी (सीएम यूपी)
– “ये यूपी के लिए गर्व की बात है कि राज्य का एक सपूत देश का राष्ट्रपति बनने जा रहा है।”
रविशंकर प्रसाद (बीजेपी)
– “कोविंदजी की जीत एकतरफा होगी। वो एक ईमानदार राष्ट्रपति साबित होंगे। अच्छा होता अगर उनके नाम पर सभी पार्टियों में एकराय बन गई होती।”
गुलाम नबी आजाद (कांग्रेस)
– “कोविंद और मीरा कुमार के बीच राष्ट्रपति पद की दौड़ को विचारधाराओं की लड़ाई कहा जा सकता है। मुझे लगता है कि इसमें हमारी कैंडिडेट (मीरा) ज्यादा बेहतर हैं।”
मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस)
– “हमें डेमोक्रेसी पर भरोसा है। इसलिए हमने राष्ट्रपति चुनाव में कैंडिडेट उतारा है। सांसद और विधायक अपनी आत्मा की आवाज पर वोट करें।”
सीताराम येचुरी (सीपीएम)
– “उम्मीद है कि इलेक्टोरल कॉलेज सोच-विचार के बाद संविधान के रक्षक का चुनाव करेगा।”
मीरा कुमार (यूपीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार)
– मीरा ने कहा, “मैं इस मुकाबले में विचारधारा की लड़ाई के लिए उम्मीदवार बनी। यह विचारधारा सामाजिक न्याय, समग्रता, धर्म निरपेक्षता, पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और जाति व्यवस्था खत्म करने की है। यह एक ऐसी विचारधारा है, जो भारत को जोड़ती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि हम इसकी रक्षा करें और इसे बचाएं।”
– “मैंने कॉलेजियम के सदस्यों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने का आग्रह किया, क्योंकि इससे ज्यादा शुद्ध और शक्तिशाली कुछ नहीं है।”
गुजरात में बीजेपी विधायक ने जताया विरोध
– गुजरात में बीजेपी विधायक नलिन कोटाड़िया ने अपनी ही पार्टी से विरोध जताया।
– कोटाड़िया ने कहा कि वे कोविंद के खिलाफ वोट डालेंगे। कोटा की मांग को लेकर पटेलों ने आंदोलन किया था, उस दौरान उन्हें काफी टॉर्चर किया गया था।
– इस बीच प्रदेश कांग्रेस चीफ बलवंत सिंह राजपूत ने व्हिप जारी कर कहा कि सांसद और विधायक दिल्ली में भी वोट दे सकते हैं।

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