राजनाथ का 4 दिन का कश्मीर दौरा: महबूबा से मिलेंगे, सुरक्षा व्यवस्था का लेंगे जायजा

नई दिल्ली.राजनाथ सिंह शनिवार से 4 दिन के दौरे पर कश्मीर जा रहे हैं। वे राज्य के हालात का जायजा लेंगे। राजनाथ, सीएम महबूबा मुफ्ती और गवर्नर एनएन वोहरा से मुलाकात भी करेंगे। बता दें कि 10 जुलाई को अमरनाथ यात्रियों पर हमले के बाद महबूबा ने दिल्ली में राजनाथ से मुलाकात की थी।
जब तक सभी पॉलिटिकल पार्टीज साथ नहीं देतीं, तब तक ये जंग नहीं जीती जा सकती…
– 15 जुलाई को राजनाथ सिंह और महबूबा मुफ्ती के बीच करीब आधे घंटे बातचीत हुई। बाद में महबूबा ने कहा, “मुझे खुशी है कि पॉलिटिकल पार्टीज एकजुट हो गई हैं। कश्मीर की समस्या का खुलकर साथ मुकाबला कर रहे हैं।”
– सीएम ने कहा, “ये जो लड़ाई हो रही है, जिसमें बाहर की ताकतें शामिल हैं। अब तो बीच में चीन ने भी इसमें हाथ डालना शुरू कर दिया है। कश्मीर में हम कानून व्यवस्था की लड़ाई नहीं लड़ रहे। जब तक पूरा मुल्क, पॉलिटिकल पार्टीज साथ नहीं देतीं, तब तक ये जंग नहीं जीती जा सकती।”
– बता दें कि पिछले साल अगस्त में भी राजनाथ कश्मीर के दौरे पर गए थे।
जून में क्या बोले थे राजनाथ?
– सरकार के तीन साल पूरे होने पर राजनाथ ने कहा, “हम लोगों ने सिक्युरिटी देने की पूरी कोशिश की है। जम्मू-कश्मीर की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। हमें जनता पर पूरा भरोसा है कि वहां पर हालात सामान्य करने में कामयाब होंगे।”
– “मुस्लिम जनसंख्या इतनी बड़ी होने के बावजूद ISIS यहां पैर नहीं जमा पाया।”
– “एनआईए के प्रयासों के चलते इंडियन मुजाहिदीन की कमर टूटी है। हम करीब 90 से ज्यादा आईएसआईएस सिम्पेथाइजर्स (हमदर्दी रखने वाले) को पकड़ने में कामयाब रहे हैं।”
– “देश में स्थिति नियंत्रण में है। 2016 में दो आतंकी घटनाएं हुईं- एक पठानकोट में, दूसरी- गुरदासपुर में।”
– “जहां तक एक्स्ट्रीमिज्म का सवाल है, एलडब्ल्यूई के खतरे को खत्म करने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”
– उन्होंने कहा कि लेफ्ट विंग उग्रवादियों को खत्म करने के मामले में 65% इजाफा हुआ है। ऐसे उग्रवादयों के सरेंडर की संख्या में भी 185% की बढ़ोत्तरी हुई है। तीन साल में नॉर्थ-ईस्ट में 52 उग्रवादियों को खत्म किया गया। 911 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। पिछले तीन साल में एनआईए ने पूर्वोत्तर के उग्रवादियों को भी कमजोर कर दिया है।