राज्यसभा में शाह की पहली स्पीच, 70 मिनट बोले; कहा- पकौड़े बेचना शर्म की बात नहीं

नई दिल्ली. राज्यसभा में अमित शाह ने अपनी पहली स्पीच दी। करीब 1 घंटा 10 मिनट लंबी इस स्पीच में शाह ने जीएसटी, बेरोजगारी, किसान, गरीब, महिलाओं, सर्जिकल स्ट्राइक, कश्मीर और ट्रिपल तलाक का जिक्र किया। जीएसटी पर बोलते वक्त जब अपोजिशन लीडर्स ने रोकटोक करने की कोशिश की तो शाह ने कहा, “भइया मुझे 6 साल सुनना पड़ेगा और आप मुझे रोक नहीं सकते हैं।” नरेंद्र मोदी की बेंगलुरू में सभा के दौरान युवाओं के पकौड़ा बेचने को मुद्दा बनाए जाने पर भी शाह ने अपोजिशन पर तंज कसा। कहा- पकौड़ा बेचना शर्म की बात नहीं है। ये बेरोजगार रहने से बेहतर है।”

राज्यसभा में अमित शाह की पहली स्पीच, 14 प्वाइंट

1) गड्ढा भरने में वक्त लगा

– शाह ने कहा, “सरकार को विरासत में क्या मिला। जिस प्रकार का गड्ढा था, उसको भरने में ही बहुत वक्त लग गया। 2013 में स्थिति जो थी, हमें याद रखना पड़ेगा कि उस दौरान क्या विचारधारा थी। महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती थीं। सीमा पर तैनात जवान सरकार की फैसले ना कर पाने की वजह से कुछ नहीं कर पाते थे।”

2) 2014 में ऐतिहासिक जनादेश मिला

– “2014 में चुनाव आया। देश की महान जनता ने एेतिहासिक जनादेश दिया। 30 साल बाद जनता ने ऐतिहासिक फैसला दिया। पहली बार आजादी के बाद किसी गैर कांग्रेसी दल की सरकार बनी। समस्या के समाधान खोजने का मेंडेट दिया गया। हमने एनडीए को सरकार में शामिल किया। पिछली सरकार में पॉलिसी पैरालिसिस था। हमने पीएम प्रत्याशी का नाम पहले दिया था, इसके बावजूद हमने सेंट्रल हॉल में एनडीए से उन्हें मनोनीत कराया।”

3) गांधी-दीनदयाल का सपना साकार करने की कोशिश

– शाह ने कहा, “मोदी जी ने कहा था कि सरकार गरीबों और दलितों की सरकार होगी। गांधी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं। साढ़े तीन साल बाद हम पीछे मुड़कर देखें तो बहुत बदलाव नजर आता है। कुछ ऐसे फैसले लिए गए जो पहले कभी नहीं लिए गए। अंत्योदय का काम किया गया। जनधन बैंक अकाउंट खोले गए।”

4) 55 साल एक पार्टी का राज था, 60% लोगों के बैंक अकाउंट नहीं थे

– “55 साल एक ही पार्टी का राज रहा। एक ही परिवार का शासन रहा। 60 फीसदी परिवारों के पास बैंक अकाउंट ही नहीं थे। सरकारें कैसे चली होंगी? पीएम ने लाल किले से जनधन योजना की घोषणा की। 31 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए। हमने जीरो बैलेंस की व्यवस्था की थी। 73 हजार करोड़ रुपए इन अकाउंट्स में है। अब ये पैसा बैंक में सुरक्षित है। 77 फीसदी जीरो बैंक बैलेंस अकाउंट थे। अब ये सिर्फ 20 फीसदी हैं।”

5) एक अपील शास्त्री ने की थी, एक अपील मोदी ने की

– शाह ने कहा, ” लाल बहादुर शास्त्री ने पाकिस्तान से युद्ध के वक्त सोमवार को व्रत रखने की अपील की थी। अब पीएम मोदी ने अमीरों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की है। हम उज्ज्वला योजना लेकर आए। डेढ़ करोड़ लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं थे। पांच करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन देने की बात थी। अब इस बजट में हमने इसे 8 करोड़ गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है।”

6) गरीब घर में पैदा नहीं हुआ,लेकिन गरीबी देखी
– “मैं गरीब के घर में पैदा नहीं हुआ लेकिन फिर भी मैंने गरीबी देखी है। गरीब महिला झोपड़ी में टहनियों और कंडों से रसोई बनाती है। शौचालय के अभियान को स्वच्छता से जोड़ा गया। दिल्ली के लुटियन जोन में रहने वालों का इसका ज्ञान नहीं होगा। 16 साल की गरीब बिटिया गांव के बीच से निकल कर नित्यक्रिया के लिए जाती है तो उसका आत्मविश्वास टूटता है। उसके दर्द को किसी सरकार ने नहीं समझा। हम 2022 तक देश के हर घर में शौचालय कर देंगे। इससे महिलाओं को सम्मान मिलता है। यूपी सरकार ने इसे इज्जत घर नाम दिया है। हमने सब्सिडी के पैसे से उज्ज्वला योजना शुरू की थी। हर गरीब को घर देने का सपना इस सरकार ने साकार करने का काम शुरू कर दिया है।”

7) 55 साल में रोजगार का समाधान क्यों नहीं खोजा

– “रोजगार का 55 साल में इसका समाधान क्यों नहीं खोजा गया। हमको तो कुल मिलाकर 7 या 9 साल ही हुए हैं। इंदिरा जी का जमाना था। उन्होंने कहा था कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण होने के बाद इसके दरवाजे गरीब के लिए खुल गए हैं। हम मुद्रा योजना लाए। इसमें ब्याज कम रखा गया है। चिदंबरम साहब ने ट्वीट किया। बेरोजगारी से बेहतर है कि वे पकौड़ा ही बनाएं। पकौड़ा बनाना या मजदूरी शर्म की बात नहीं है। शर्म की बात ये है कि इसे गरीबी से जोड़कर मजाक उड़ाया जा रहा है। हमारी नई पीढ़ी देश को आगे ले जाएगी।”

8) किसानों के लिए कदम उठाए

– “एनडीए सरकार ने नए नॉर्म बनाए। हमने एमएसपी के लिए डेढ़ गुना करने का काम किया। फसल बीमा योजना है। हो सकता है 2019 के बाद हमें इससे बेहतर योजना लाने का मौका मिले। हर गांव का अलग सर्वे किया जाएगा। पहले ब्लॉक का सर्वे होता था। 5 करोड़ किसानों ने फायदा उठाया। हम ई-मंडी योजना लेकर आए हैं। यूरिया की नीम कोटिंग कर दी। इसकी कालाबाजारी रोक दी गई है। हमने इसके लिए नए कारखाने नहीं बनाए, बल्कि पुराने कारखाने फिर से शुरू कर दिए गए। ये हमने बनाए नहीं हैं। लेकिन, काम करके दिखाया है। अब यूरिया के लिए लाठियां नहीं चलतीं। सॉयल हेल्थ कार्ड। इसका क्या फायदा है? हर किसान को उसकी जमीन का हेल्थ कार्ड दिया गया है। ये 14 भाषाओं में लिखी होती हैं। 460 लैब बनाए हैं। 4 हजार मिनी लैब बनाए जा रहे हैं। एक नारा होता था कि किसानों को उनकी लागत डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाना। पीएम ने इस सपने को साकार करने का बीड़ा उठाया है।”

9) हमने स्टडी की है, GST से फायदा होगा
– शाह ने कहा, “इस सरकार का एक सिद्धांत रहा है। हम एेसे फैसले नहीं लेते, जो लोगों को अच्छे लगें। हम ऐसे फैसले लेते हैं, जो लोगों के लिए अच्छे रहें। 407 बिलियन डॉलर का फोरेक्स रिजर्व रिकॉर्ड मिला है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हम काफी आगे बढ़े हैं। पहले 28 फरवरी को बजट आता था। हम मौसम के हिसाब से इसे 1 फरवरी को लाए। ताकि इसे वक्त पर इम्प्लीमेंट किया जा सके। हम जीएसटी लेकर आए। इसकी किसी कल्पना नहीं की थी। पूरे देश में अब एक समान कर है। इस पर सदन के बाहर काफी राजनीति हुई। कहा जाता है कि बीजेपी ने पहले इसका विरोध किया। ये सही नहीं है। हमने कभी जीएसटी का विरोध नहीं किया। हमने तरीकों का विरोध किया था। राज्यों को घाटा नहीं चुकाया गया। हमने 37 हजार करोड़ चुकाए। वचन का पालन नहीं होगा तो कौन भरोसा करेगा। राज्य चिंतित थे। हमने उनका समाधान किया। 14 फीसदी पर रेवेन्यू देने का फैसला किया। ये जुबानी वादा नहीं है। इसकी संवैधानिक गारंटी दी गई है। 22 राज्यों को भरपाई की गई है। हमने भरोसा पैदा किया। गलत बातें फैलाई जा रही हैं। हमने इसका डीप स्टडी किया है। देश का व्यापार बढ़ने वाला है। छोटे कारोबारियों को फायदा होगा।”

10) GST को गब्बर सिंह टैक्स कहा, ये कैसी भाषा बोल रहे हैं
– “17 टैक्स और 23 सेस खत्म कर एक टैक्स लाया गया। 15 इंस्पेक्टर की जगह अब एक इंस्पेक्टर को हिसाब देना होगा। शुरुआती दिक्कतें आई हैं। कुछ और भी होंगी। हमने साढ़े तीन महीनों में लोगों से उनके विचार मांगे। 23 मीटिंग में तमाम दिक्कतें खत्म करने की कोशिश की जा रही है। 400 चीजों के दाम किए गए हैं। 150 चीजों पर टैक्स खत्म किया है। 30 प्रोसीजरल चेंज किए हैं। जीएसटी काउंसिल में हर राज्य का सीएम और वित्त मंत्री आता है। एक भी प्रस्ताव पर मतदान नहीं हुआ। एकमत से फैसले लिए गए। 91 मंत्री आपके आए हैं। आप तीन तरह की भाषा बोल रहे हैं। आपको मुझे छह साल सुनना पड़ेगा। आप नहीं सिर्फ सभापति मुझे रोक सकते हैं। इसे गब्बर सिंह टैक्स कहा गया। जीएसटी का पैसा वन रैंक वन पेंशन और महिलाओं की सुरक्षा पर खर्च किया जाता है। हम किस तरह की भाषा बोल रहे हैं। कल आप भी आ सकते हैं। हमारी मानसिकता एेसी नहीं है। देश ऐेसे नहीं चलता है। दलगत मुद्दों पर सोच से ऊपर उठना पड़ता है। राजनीति करने के लिए बहुत सारे मुद्दे पड़े हैं।”

11) सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दुनिया ने हमें अलग नजरिए से देखा

– शाह ने कहा, “देश की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। ये तब तक ठीक से नहीं हो सकती। जब तक कि जवानों की चिंता नहीं की जाए। 40 साल तक झांसे दिए गए। 100 करोड़ का टोकन मनी दिए गए। हम हर साल 8 हजार करोड़ रुपए दे रहे हैं। इस देश में कई बार आतंकी हमले हुए। जवानों के थानों और सीमा पर भी हुए। इसका जवाब नहीं दिया गया। उरी में जवान जल गए थे। देश में गुस्सा था। पहले क्या हुआ था। पीएम का स्टेटमेंट आएगा और सब खत्म हो जाएगा। पीएम चुप रहे 10 दिन बाद जवाब आया। घर में घुसकर दुश्मन को जवाब दिया गया। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दुनिया ने हमें अलग नजरिए से देखना शुरू किया। दुनिया ने ये माना कि इजराइल और अमेरिका ही नहीं हम भी अपने सैनिकों की रक्षा कर सकते हैं।”

12) 35 साल में सबसे ज्यादा सेफ कश्मीर

– “तीनों सेनाओं का मॉर्डनाइजेशन किया जा रहा है। 10 साल का ब्लूप्रिंट बनाया गया है। आंतरिक सुरक्षा के लिए 18 हजार करोड़ दिए गए हैं। कश्मीर समस्या देश के लिए अहम मसला है। नई सरकार बनी। सख्ती शुरू हुई। देश की कश्मीर नीति पर चर्चा शुरू हुई। आज पिछले 35 साल में कश्मीर सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं। हवाला से पैसा लेकर आतंकियों की मदद करने वाले तिहाड़ में हैं। पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक मान्यता दी। हम लेकर आए थे। लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। आपने विरोध का तरीका अलग चुना है। आपको पिछड़ा वर्ग को जवाब देना पड़ेगा। मैं अपील करता हूं कि पिछड़े वर्ग को सम्मान दें। इस बिल को पास करें। हम तीन तलाक पर बिल लेकर आए। कांग्रेस इस पर अलग तरीके से विरोध कर रही है। मुस्लिम महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए। मैं आज भी कहता हूं कि हम कल फिर लेकर आएंगे। आप विरोध ना कीजिए।”

13) PM ने देश को गौरव दिलाया
– “हमने अपाहिज के अपमानजनक शब्द को दिव्यांग में बदला। गर्भवती महिलाओं के लिए हमने 26 हफ्ते की छुट्टी दी। हमने कई इनीशिएटिव्स लिए। स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, योग दिवस, डीबीटी… इनकी चर्चा होती थी, लेकिन किसी ने काम नहीं किया। इससे हर साल सरकार के 57 हजार करोड़ बच गए। लोगों का फायदा हुआ है। नीति आयोग का नया विचार है। खेलो इंडिया लेकर आए। 115 पिछड़े जिलों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना लेकर आए। पेरिस समझौते ने देश को गौरव दिलाया। दावोस में भी यही हुआ। पीएम ने विनम्रता से किसी को नीचा दिखाए बिना देश को गौरव दिलाया। हमने एक साथ 104 उपग्रह स्थापित किए। 10 आसियान देशों के प्रमुखों को हमने गणतंत्र दिवस पर बुलाया। 12 लाख करोड़ की घोटाले की सरकार के बाद हमने काम संभाला। विरोधी हम पर आरोप नहीं लगा सके। कालाधन के खिलाफ लड़ाई जारी है। एसआईटी बनाई गई। बेनामी संपत्ति पर कानून बनाए। कालाधन घूमकर आता था। 3 लाख शेल कंपनियों को बंद किया गया।”

14) वंशवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण 3 नासूर हैं
– अंत में शाह बोले, “सरकारें द्वंद में फंसी थीं। हम नहीं फंसे। ब्यूरोक्रेट इम्प्लीमेंट कर रहे हैं, जन प्रतिनिधि नीतियां बना रहे हैं। जनादेश ही तय करता है कि सरकार ठीक से चली या नहीं। कुछ लोगों को हार में भी जीत दिखाई देती है। गुजरात में हमें 49 फीसदी वोट मिला। 22 साल से हम सत्ता में हैं। तीन नासूर हमारे लोकतंत्र को लंबे समय से डसे हुए हैं…वंशवाद-जातिवाद और तुष्टिकरण। हमारे पीएम ने इससे लोकतंत्र को मुक्त कराया है। इसलिए जनादेश मिला है। राष्ट्रपति और पीएम ने एक विचार सामने रखा है। देश में पंचायत से लेकर संसद के सभी चुनाव एक साथ होना चाहिए। एक बहस होनी चाहिए। पीएम ने एक न्यू इंडिया का सपना देखा है।”