राज्यसभा में हंगामे के बीच बोलीं सुषमा- मैंने ललित मोदी को फायदा नहीं पहुंचाया

नई दिल्ली. संसद में पिछले कुछ दिनों से जारी टकराव के हालात सोमवार को भी खत्म होते नहीं दिखे। मानसून सत्र शुरू होने के दो हफ्ते बाद पहली बार विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ललितगेट मुद्दे पर सफाई देने की कोशिश की। लेकिन अपोजिशन ने उन्हें पूरी बात नहीं रखने दी। सुषमा ने हंगामे के बीच दिए बयान में कहा, ”मैंने कभी भी ललित मोदी के लिए किसी भी सरकार से रिक्वेस्ट नहीं की। मैं चर्चा के लिए आज और अभी तैयार हूं। दो हफ्ते से हंगामा हो रहा है। मैं दो हफ्ते से संसद आ रही हूं। जिस तथ्य के आधार पर नोटिस दिया गया है, वह निराधार है।” हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इस बीच, पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर वेंकैया नायडू ने कहा है कि संसद में जारी टकराव को खत्म करने के लिए पीएम अब खुद दखल दे सकते हैं।
सोनिया ने साधा पीएम पर निशाना, कहा- काम पर नहीं है ध्यान नहीं
कांग्रेस पार्लियामेंट्री बोर्ड की सोमवार सुबह हुई बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- ‘‘भाजपा ने ही ‘इस्तीफा अभी और बहस बाद में’ का सिद्धांत यूपीए सरकार के वक्त कम से कम 5 बार अपनाया था। हम भी उसी पर चल रहे हैं। पीएम का काम पर ध्यान नहीं है। भाजपा चाहती है कि पहले चर्चा और बातचीत हो, इसके बाद वह कार्रवाई करेगी। लेकिन यह शर्त कांग्रेस को मंजूर नहीं है। हम हर मुद्दा पुख्ता सबूतों के साथ उठा रहे हैं। लेकिन सरकार कोई एक्शन नहीं लेना चाहती। वह अपनी संख्या के बूते अड़ियल रुख अपना रही है जबकि उसका रवैया जिम्मेदारी वाला होना चाहिए। वह जांच के बजाय सिर्फ डिबेट चाहती है। यह हमें मंजूर नहीं है। जो मन की बात करने का दावा करते हैं, उन्होंने अब मौन व्रत ले लिया है।’’
मोदी पैकेजिंग के मास्टर, काबिल सेल्समैन : सोनिया
कांग्रेस की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा, ”हम बीजेपी के पुराने रवैये की बराबरी नहीं कर रहे हैं। सरकार की बेशर्मी के कारण हम विरोध कर रहे हैं। संसद चले लेकिन उससे पहले सुषमा, वसुंधरा के इस्तीफे लेने होंगे। सरकार बहुमत का घमंड दिखा रही है। मोदी पैकेजिंग के मास्टर हैं, काबिल सेल्समैन हैं। हेडलाइन बनवाते हैं। चालाक न्यूज मैनेजर हैं। साथियों के करप्शन मामले में मन की बात क्यों नहीं कर रहे हैं।” दूसरी ओर, एक टीवी चैनल से बातचीत में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब तक दागी मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस संसद नहीं चलने देगी।
पीएम दे सकते हैं बयान
एनडीए सरकार संसद में टकराव खत्म करने के लिए पीएम को आगे का लाने की सोच रही है। सरकार चाहती है कि पीएम व्यापमं और ललितगेट मामले पर संसद में दखल दें ताकि सदन का काम भी हो सके। नायडू के मुताबिक, ”अगर बहस की इजाजत मिलती है और ऐसा करने की जरूरत पड़ी तो पीएम इस मामले में बयान दे सकते हैं।उन्होंने ऐसा पहले भी किया है और अब भी कर सकते हैं।”