राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा आज नॉमिनेशन भरेंगी, राजघाट पर बापू को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली.राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार बुधवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे नॉमिनेशन फाइल करेंगी। इससे पहले वे राजघाट पहुंची और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। वहीं, एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद भी बुधवार को ही अपना आखिरी यानी चौथा नॉमिनेशन दाखिल किया। इससे पहले, कोविंद ने संसद भवन में 23 जून को तीन नॉमिनेशन फाइल किए थे। उनके साथ नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, अमित शाह, मुरली मनोहर जोशी और सुषमा स्वराज मौजूद थे। करीब 15 सीएम और 28 दलों के नेता भी शामिल हुए थे। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग 17 जुलाई को होगी। काउंटिंग 20 जुलाई को कराई जाएगी। प्रणब मुखर्जी का टेन्योर 24 जुलाई को खत्म होगा।
मंगलवार को 28 लोगों ने नॉमिनेशन भरे…
– लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, मंगलवार को 28 लोगों ने नॉमिनेशन भरे। इनमें से सात के नॉमिनेशन फौरन खारिज कर दिए गए। इस तरह अब तक कुल 47 कैंडिडेट्स ने नॉमिनेशन दाखिल किए हैं। नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख 28 जून और 29 जून को इनकी जांच होगी, जबकि 17 जुलाई को वोटिंग होनी है।
– उधर, मीरा कुमार 30 जून से अपना कैम्पेन गुजरात के साबरमती आश्रम से शुरू करेंगी।
23 जून को कोविंद ने तीन नॉमिनेशन भरे थे
– कोविंद के नॉमिनेशन के लिए बीजेपी ने चार सेट तैयार किए थे। पहले सेट का प्रपोजल नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की ओर से रखा गया। दूसरा सेट के लिए प्रपोजल अमित शाह और अरुण जेटली ने रखा। यह हिंदी में था।
– तीसरे सेट का प्रापोजल शिरोमणि अकाली दल के लीडर प्रकाश सिंह बादल और आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू की ओर से रखा गया। चौथा सेट बचा था, जिसे 28 जून को पेश किए जाने का तय किया गया था।
रामनाथ कोविंद v/s मीरा कुमार
रामनाथ कोविंद: सादगीभरी छवि, कानून के जानकार, संविधान की समझ (बिहार के गवर्नर रहे), कैंडिडेट के तौर पर दलित चेहरा। दो चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।
मीरा कुमार: साफ-सुथरी छवि, कानून की जानकार, संविधान की जानकारी (लोकसभा स्पीकर रहीं)। विदेश नीति की जानकारी (इंडियन फॉरेन सर्विस में रहीं)। दलित चेहरा और पूर्व डिप्टी पीएम जगजीवन राम की बेटी। रामविलास पासवान और मायावती जैसे बड़े दलित लीडर्स को चुनाव में हराया। करोलबाग से 3 बार MP भी रहीं।
4 प्वाइंट में समझें किसके पास कितने वोट?
1 अभी क्या है पोजिशन?
NDA: लोकसभा, राज्यसभा, स्टेट असेंबली को मिलाकर टोटल 5,27,371 वोट होते हैं। कोविंद के एलान से पहले एनडीए का टोटल वोट पर्सेंटेज 48.10% है।
UPA: साझा कैंडिडेट उतारने की स्थिति में सभी अपोजिशन पार्टियां एक हो जाती हैं तो टोटल वोट 5,68,148 होंगे यानी करीब 51.90%।
2 NDA कितनी मजबूत हुई?
एलान से पहले: 48.10% वोट
अब इन पार्टियों का सपोर्ट
TRS: 1.99%
AIADMK: 5.39%
YSR कांग्रेस: 1.53%
JDU: 1.89%
BJD: 2.99%
एलान के बाद NDA के पास कितने वोटों का सपोर्ट: 61.89%
3 UPA कितना कमजोर हुआ?
कोविंद के एलान से पहले अपोजिशन एकजुट होने पर 51.90% वोट थे। लेकिन जेडीयू (1.89%) ने एनडीए को सपोर्ट का एलान किया। अब यूपीए का वोट पर्सेंटेज 50.01% रह गया है।
4 मीरा कुमार के आने से कितना फायदा?
– मीरा कुमार के आने के बाद UPA को BSP ने सपोर्ट कर दिया है। मायावती कह चुकी हैं कि कोई मजबूत दलित कैंडिडेट मिलने पर वो उसे सपोर्ट करेंगी। SP, AAP और INDL का सपोर्ट मिलने की भी उम्मीद है।
अभी UPA: 50.01% सपोर्ट मिला
BSP: 0.74%
इनका सपोर्ट मिलने की उम्मीद
SP: 2.36%
AAP: 0.82%
INDL:0.38%
सपोर्ट मिला तो कितनी मजबूती?
UPA:54.31%
राष्ट्रपति चुनाव का शेड्यूल
नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 28 जून
नॉमिनेशन की स्क्रूटनी: 29 जून
नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख:1 जुलाई
वोटिंग (जरूरत पड़ने पर): 17 जुलाई, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे
काउंटिंग (जरूरत पड़ने पर): 20 जुलाई, सुबह 11 बजे से
ऐसे होगा राष्ट्रपति चुनाव
# 4896 वोटर राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे। इनमें 4120 MLAs और 776 MPs शामिल हैं।
#20 AAP के विधायकों के खिलाफ हाउस ऑफ प्रॉफिट के मामले में केस चल रहा है, लेकिन इलेक्शन कमीशन का कहना है कि आज की बात करें तो ये लोग वोट डाल सकेंगे।
# 12 नॉमिनेटेड राज्यसभा मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे। इसके अलावा, लोकसभा में दो एंग्लो-इंडियन कम्युनिटी के नॉमिनेटेड मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे।
# राज्यसभा की 10 सीटें खाली हैं, जिनके लिए चुनाव की घोषणा राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही की जाएगी।
कितने वोट जरूरी
– किसी भी दल को अपनी पसंद का प्रेसिडेंट बनाने के लिए 50% यानी 5,49, 442 वोटों की जरूरत है।
टोटल MLAs:4114
टोटल MPs: 776
MLAs की वोट वैल्यू: 5,49,474
MPs की वोट वैल्यू: 5,48,408
टोटल वोट वैल्यू: 10,98,882
पिछली बार के नतीजे
कैंडिडेट: 2
कुल वोट:10,29,750
कौन जीता, कितने वोट मिले: प्रणब मुखर्जी (7,13,763 वोट)
राष्ट्रपति और उनके कार्यकाल
– डॉ. राजेन्द्र प्रसाद- 1952,1957 (26 जनवरी 1950 से 12 मई 1962)
– सर्वपल्ली राधाकृष्णन- 1962 (13 मई 1962 से 13 मई 1967)
– जाकिर हुसैन- 1967 ( 13 मई 1967 से 3 मई 1969)
– वराह वेंकट गिरी- 1969 (24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974)
– फखरुद्दीन अली अहमद- 1974 (24 अगस्त 1974 से 11 फरवरी 1977)
– नीलम संजीव रेड्डी-1977 (25 जुलाई 1977 से 25 जुलाई 1982)
– ज्ञानी जैल सिंह- 1982 (25 जुलाई 1982 से 25 जुलाई 1987)
– रामास्वामी वेंकटरमण- 1987 (25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992)
– शंकर दयाल शर्मा- 1992 (25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997)
– कोचेरी रमण नारायणन- 1997 (25 जुलाई 1997 से 25 जुलाई 2002)
– एपीजे अब्दुल कलाम- 2002 (25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007)
– प्रतिभा देवी सिंह पाटिल-2007 (25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012)
– प्रणब मुखर्जी- 2012 (25 जुलाई 20012 से 25 जुलाई 2017)
कार्यवाहक राष्ट्रपति
वराह वेंकट गिरी- 3 मई 1969 से 20 जुलाई 1969 (राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन से)
मोहम्मद हिदायतुल्लाह- 20जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 (वेंकट गिरी के इस्तीफे से)
बसप्पा दनप्पा जत्ती- 11फरवरी 1977 से 25 जुलाई 1977 (राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के निधन से)
उत्तर प्रदेश ने देश को दिए 9 प्रधानमंत्री
– जवाहरलाल नेहरू, लालबहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव गांधी, नरेंद्र मोदी।

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