राष्‍ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने लोकसभा को आश्‍वासन दिया है कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जम्‍मू-कश्‍मीर में हुर्रियत के कट्टरपंथी मसर्रत आलम की जेल से रिहाई

के मुद्दे पर उन्‍होंने लोकसभा में कहा कि केन्‍द्र सरकार को इस बारे में न तो सूचित किया गया और न उससे सलाह ली गई। सदस्‍यों की भावनाओं से सहमति जताते हुए श्री मोदी ने कहा कि इस घटना के खिलाफ रोष सिर्फ किसी राजनीतिक दल को ही नहीं, बल्कि पूरे देश और पूरे सदन को है।

सदन भी एक स्‍वर से इस प्रकार की किसी भी हरकत के प्रति अपना आक्रोश भी व्‍यक्‍त करें, जो आज किया है और मैं इस सदन को विश्‍वास दिलाता हूं मैं देश को विश्‍वास दिलाता हूं कि सरकार बनने के बाद जो कुछ भी गतिविधियां हो रही हैं, न वो भारत सरकार से मशविरा कर करके हो रही हैं, न भारत सरकार को जानकारी देकर के हो रही हैं। भारतीय जनता पार्टी वहां पर सरकार में हिस्‍सेदार है। इसके लिए आप उसकी भरपूर आलोचना भी करें और वो आपका हक भी है लेकिन हम ऐसा न करें कि देश की एकता के संबंध में हमारे भिन्‍न स्‍वर हैं ये मेसेज न दुनिया में जाना चाहिए, न कश्‍मीर में जाना चाहिए, न देश में जाना चाहिए।

इससे पहले, एक बयान में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केन्‍द्र ने जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार से मसर्रत आलम की रिहाई के बारे में स्‍पष्‍टीकरण मांगा है।

इस पूरे मामले को हमारी सरकार ने भी बहुत ही गंभीरतापूर्वक लिया है और मैं सदन को आश्‍वस्‍त करना चाहता हूं कि पूरा क्‍लेरीफिकेशन स्‍टेट गर्वनमेंट द्वारा प्राप्‍त हो जाने के बाद कठोर से कठोर एडवाइजरी यदि जारी करने की आवश्‍यकता हुई, तो हमारी भारत सरकार वह कठोर से कठोर एडवाइजरी भी जारी करेगी।