राहत-बचाव के लिये मध्यप्रदेश के हेलीकाप्टर उत्तराखंड पहुंचे (उत्तराखंड आपदा)

tatpar 21 june 2013

प्रदेश के यात्रियों की जीवन रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्यमंत्री श्री चौहान करेंगे प्रतिदिन समीक्षा

उत्तराखंड में राहत और बचाव कार्यों के लिये आज सुबह भोपाल से मध्यप्रदेश शासन के दोनों हेलीकाप्टर सहित तीन हेलीकाप्टर भेजे गये। दोपहर तक एक और हेलीकाप्टर भेजा जायेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि उत्तराखंड गये प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की जीवन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि अधिकारियों की टीम दिन रात जुट कर कार्य करे। राहत-बचाव में पैसे की कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री खुद अथवा मुख्य सचिव प्रति दिन राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने उत्तराखण्ड में फँसे प्रदेश के तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा और उनके लाने के लिये की जा रही व्यवस्थाओं की आज यहां समीक्षा की। बताया गया कि प्रदेश से भेजे गये तीनों हेलीकाप्टर देहरादून पहुंच गये हैं। इन हेलीकाप्टरों के माध्यम से तीर्थ यात्रियों के लिये भोजन तथा उन्हें वापस हरिद्वार अथवा देहरादून तक लाने की व्यवस्था की जायेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम भी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि प्राकृतिक आपदा में फँसे तीर्थ यात्रियों को पूरी दक्षता के साथ सुरक्षित लाने के इंतजाम किये जा रहे हैं। संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में दल प्रदेश के यात्रियों को वापस भेजने की व्यवस्थाओं में लगा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्री श्री शर्मा से दूरभाष पर बात कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। श्री शर्मा ने बताया कि यात्रियों को जरूरत के अनुसार पैसे सहित भोजन, दवा आदि उपलब्ध करायी जा रही है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी डा.संजय गोयल को देहरादून में व्यवस्थाओं के लिये लगाया गया है। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री प्रमोद वर्मा हेलीकाप्टरों की व्यवस्था का समन्वय कर रहे हैं। भेजे गये प्रत्येक हेलीकाप्टर में दो अधिकारी विभिन्न स्थलों में उतर कर वहां फंसे यात्रियों की सूची तैयार करेंगे। भोजन, दवा, पैसे के प्रबंध के साथ हरिद्वार-देहरादून भेजने के कार्य में समन्वय करेंगे। हेलीकाप्टर स्थानीय प्रशासन के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे। । हरिद्वार में शांति कुंज में केम्प स्थापित किया गया है जिसमें प्रदेश के यात्रियों के लिये भोजन, इलाज और उन्हें वापस भेजने की व्यवस्था की गयी है। आज भोपाल से भेजे गये हेलीकाप्टरों में तीन तहसीलदार तथा तीन पुलिस इंसपेक्टर भी भेजे गये हैं। इन्हें मिलाकर उत्तराखंड में प्रदेश के 16 लोगों का दल राहत-बचाव में लगा है।

कलेक्टरों को निर्देश दिये गये हैं कि उनके पास तीर्थ यात्रियों से संबंधित सूचना आने पर तत्काल आवश्यक मदद की व्यवस्था करें। भोपाल में यात्रियों को सूचना देने के लिये काल सेन्टर की तरह व्यवस्था की जा रही है। बैठक में ए.डी.जी. श्री विवेक जौहरी और श्री विजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव और सचिव श्री हरिरंजन राव भी उपस्थित थे।