राहुल इस्तीफे पर अड़े, नया अध्यक्ष चुने जाने तक पद पर बने रह सकते हैं; पायलट के बाद गहलोत मिलने पहुंचे

लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं। राहुल ने आज शाम पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि राहुल ने पार्टी को सुझाव दिया है कि अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करें, तब तक वे इस पद का जिम्मा संभालेंगे। इस बीच, राहुल से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट उनके निवास पर पहुंचे। सोमवार को राहुल ने अपॉइंटमेंट देने के बाद भी गहलोत से मुलाकात नहीं की थी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि गांधी ने पार्टी को बता दिया है कि वे केवल तब तक अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, जब तक इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार का चयन नहीं कर लिया जाता। माना जा रहा है कि राहुल अपना फैसला बदल लें और पार्टी का पुनर्गठन कर सकें इसलिए पार्टी के कई राज्य प्रमुखों ने या तो इस्तीफा दे दिया, या फिर इसकी पेशकश की है।

पंजाब, झारखंड और असम के प्रदेशाध्यक्षों ने भी दिए इस्तीफे
लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़, झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार और असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने सोमावर को इस्तीफा दे दिया। अब तक विभिन्न प्रदेशों के 13 वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को इस्तीफा भेज चुके हैं।

बेटों के लिए टिकट मांगने पर वरिष्ठों से नाराज हैं राहुल
राहुल ने शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कहा था कि गहलोत, कमलनाथ और चिदंबरम जैसे नेताओं ने बेटों- रिश्तेदारों को टिकट दिलाने की जिद की और उन्हीं को चुनाव जिताने में लगे रहे। राहुल ने कहा था कि पुत्र मोह के चलते नेताओं ने पार्टी हित को दरकिनार कर दिया।

गहलोत ने 93 रैलियां बेटे के समर्थन में कीं
गहलोत ने राजस्थान में कुल 130 रैलियां और रोड शो किए। इनमें 93 सभाएं जोधपुर में कीं। जोधपुर से कांग्रेस ने गहलोत के बेटे वैभव को टिकट दिया था। पार्टी राज्य की सभी 25 सीटों पर चुनाव हार गई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी पारंपारिक लोकसभा सीट छिंदवाड़ा से बेटे नकुल नाथ को मैदान में उतारा था। कांग्रेस इस सीट से चुनाव जीत गई।

राष्ट्रीय सम्मेलन बुला सकती है कांग्रेस
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को अहमद पटेल और महासचिव केसी वेणुगोपाल राहुल से मिले। राहुल ने उन्हें नया नेता चुनने के लिए कहा है। संकेत मिले हैं कि राहुल अड़े रहते हैं तो कांग्रेस एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाकर उनसे पुनर्विचार की मांग करेगी। इस बीच, राहुल की मदद के लिए तीन वरिष्ठ और जमीन से जुड़े नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की भी अटकलें हैं। इनमें एके एंटनी, अहमद पटेल और कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम शामिल हैं।

सिंधिया को मप्र में अध्यक्ष बनाने की मांग उठी
मप्र में कमलनाथ की जगह ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठी है। सिंधिया ने वेणुगोपाल से चर्चा की। इससे पहले वेणुगोपाल राहुल से मिले। इसके बाद वे फिर सिंधिया से मिले। इससे सिंधिया को प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें तेज हो गईं। इधर, सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आवाज उठाई तो महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने इसका समर्थन कर दिया।

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