राहुल गांधी 60वें कांग्रेस प्रेसिडेंट चुने गए; नरेंद्र मोदी ने कहा- आपका टेन्योर कामयाब हो

नई दिल्ली.राहुल गांधी (47) सोमवार को कांग्रेस के निर्विरोध प्रेसिडेंट चुने गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। कांग्रेस वर्कर्स ने दिल्ली के पार्टी हेडक्वार्टर, देहरादून समेत कई राज्यों में जश्न मनाया। राहुल प्रेसिडेंट पोस्ट संभालने वाले नेहरू-गांधी परिवार के छठे और कांग्रेस के 60वें मेंबर होंगे। प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए राहुल के अलावा किसी और कैंडिडेट ने ऑफिशियल नॉमिनेशन नहीं भरा था। नाम वापस लेने की डेडलाइन सोमवार शाम 3 बजे तक थी। इसके बाद कांग्रेस प्रेसिडेंट इलेक्शन के रिटर्निंग अफसर मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने राहुल के प्रेसिडेंट बनने का एलान किया। बता दें कि राहुल के प्रेसिडेंट बनने से पहले सोनिया गांधी 19 साल (1998-2017) कांग्रेस प्रेसिडेंट रहीं। राहुल 2013 में पार्टी के वाइस प्रेसिडेंट बने थे।

सभी 89 नॉमिनेशन प्रपोजल वैलिड

– रामचंद्रन ने कहा, “हमें राहुल की तरफ से 89 नॉमिनेशन प्रपोजल मिले थे। वे सभी वैलिड पाए गए। सोमवार 3 बजे तक सिर्फ एक कैंडिडेट का ही नॉमिनेशन है। लिहाजा मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संविधान के आर्टिकल 16 (D) के मुताबिक राहुल गांधी को कांग्रेस प्रेसिडेंट चुने जाने का एलान करता हूं।”
– “राहुल गांधी को कांग्रेस ऑफिस में 16 दिसंबर को सर्टिफिकेट दिया जाएगा।”

राहुल के लिए किसने क्या कहा?

– नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में लिखा, ”कांग्रेस प्रेसिडेंट चुने जाने पर राहुल गांधी को बधाई। पार्टी में उनके कामयाब टेन्योर के लिए शुभकामनाएं।”

– गुलाम नबी आजाद ने कहा, ”पूरे देश को राहुल गांधी से काफी उम्मीदें हैं। कांग्रेस प्रेसिडेंट चुने जाने से पहले उन्होंने गुजरात चुनाव में काफी उत्साह दिखाया। उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का अहसास है। राहुल जी को काउंटर करने के लिए खुद पीएम मोदी अपने 80 मंत्रियों के साथ गुजरात में डेरा डाले हुए हैं।”
– कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने कहा, ”मौजूदा सरकार में देश के हालात काफी खराब है। ऐसे में राहुल गांधी कांग्रेस प्रेसिडेंट चुने गए हैं। गुजरात चुनाव में साफ हो जाएगा कि वह अकेले कैंडिडेट हैं, जो पूरी हिम्मत के साथ नरेंद्र मोदी का सामना कर सकते हैं।”

– नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ”यह देश के लिए बड़ा सौभाग्य है। देश की बड़ी आबादी युवा है और उन्हें प्रेरणा की जरूरत है। युवा राहुल गांधी को ऊगते सूरज की तरह देखते हैं। उनका जांचा-परखा खानदान है। पं. नेहरू ने आजादी दिलाई। इंदिरा जी, राजीव जी ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। सोनिया जी ने खुद पीछे हटकर सरदार मनमोहन सिंह को सत्ता दी। अब राहुल गांधी हिंदुस्तान को विश्वसनीयता देंगे।”

नेशनल पॉलिटिक्स में राहुल का मुकाबला अमित शाह से, उनके सामने 5 चुनौतियां

– 132 साल पुरानी कांग्रेस ने आज अपना नया प्रेसिडेंट चुन लिया। 47 साल के राहुल गांधी निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। हालांकि, वे कांग्रेस के सबसे यंग प्रेसिडेंट नहीं हैं। उनके पिता राजीव गांधी महज 40 की उम्र में पार्टी प्रेसिडेंट बन गए थे।
– बता दें कि राहुल 5 साल पहले एक्टिव पॉलिटिक्स में आए। 2012 में कांग्रेस ने उनके नेतृत्व में यूपी में चुनाव लड़ा। तब से अब तक राहुल ने 36 चुनाव में पार्टी का नेतृत्व किया। वहीं, अमित शाह 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त बीजेपी की सेंट्रल पॉलिटिक्स में एक्टिव हुए और बाद में प्रेसिडेंट बने।

गांधी परिवार से अब तक 6 प्रेसिडेंट

1) मोतीलाल नेहरू
– गांधी परिवार से सबसे पहले कांग्रेस प्रेसिडेंट की पोस्ट संभाली मोतीलाल नेहरू ने। वे 1919 में 58 साल की उम्र में पहली बार कांग्रेस प्रेसिडेंट बने। 1928 में भी उन्हें इस पोस्ट के लिए चुना गया।

2) जवाहर लाल नेहरू
– जवाहर लाल नेहरू ने सबसे कम 40 साल की उम्र में 1929 में कांग्रेस अध्यक्ष की पोस्ट संभाली। नेहरू 8 बार कांग्रेस प्रेसिडेंट बने।

3) इंदिरा गांधी
– जवाहर लाल नेहरू के बाद इंदिरा गांधी परिवार की तीसरी मेंबर थीं, जो कांग्रेस प्रेसिडेंट बनीं। इंदिरा ने 1959 में 42 साल की उम्र में कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला। वे 5 बार इस पोस्ट पर चुनी गईं।

4) राजीव गांधी
– इंदिरा गांधी के बाद राजीव गांधी 1985 में 41 साल की उम्र में कांग्रेस अध्यक्ष बने। उन्होंने 1991 तक ये पोस्ट संभाली।

5) सोनिया गांधी
– सोनिया गांधी परिवार की पांचवीं मेंबर थीं, जो कांग्रेस प्रेसिडेंट बनीं। सोनिया ने सबसे ज्यादा 19 साल तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली। उन्हें 1998 में कांग्रेस प्रेसिडेंट चुना गया था।

6) राहुल गांधी

राहुल गांधी परिवार के छठवें मेंबर हैं, जो कांग्रेस प्रेसिडेंट बने हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने उन्हें प्रेसिडेंट बनाने का प्रपोजल पिछले साल रखा था।

सबसे मुश्किल दौर में राहुल गांधी

#नेहरू का दौर
– 1951 यानी जवाहर लाल नेहरू के वक्त देश के 90% हिस्से पर कांग्रेस का शासन था। तब कांग्रेस के पास लोकसभा की 489 में से 364 (74%) सीटें थीं।

#इंदिरा का दौर
– 1969 में इंदिरा गांधी के वक्त भी देश के 90% हिस्से पर कांग्रेस का शासन था। तब कांग्रेस के पास लोकसभा की 494 में से 371 (75%) सीटें थीं।

#राजीव का दौर
– 1985 में राजीव गांधी के पीएम बनने के बाद कांग्रेस का देश के 67% हिस्से पर शासन था। उस वक्त कांग्रेस के पास लोकसभा की 542 में से 415 (77%) सीटें थीं।

#सोनिया का दौर
– 1998 में सोनिया गांधी के पार्टी प्रेसिडेंट पोस्ट संभालने के वक्त कांग्रेस का देश के 19% इलाके पर शासन था। कांग्रेस के पास लोकसभा की 543 में से 141 (28%) सीटें थीं।

#राहुल का दौर
– अब जब राहुल कांग्रेस के प्रेसिडेंट बनने जा रहे हैं, तब पार्टी के पास लोकसभा में 543 में से सिर्फ 46 (8%) सीटें हैं।

कांग्रेस में 44 साल प्रेसिडेंट रहा नेहरू-गांधी परिवार

– 132 साल पुरानी कांग्रेस में नेहरू-गांधी परिवार 44 साल अध्यक्ष रहा। इन 44 साल में से 25 साल मोतीलाल नेहरू से राजीव गांधी तक कांग्रेस प्रेसिडेंट रहे।

– परिवार में पं. नेहरू सबसे कम 40 साल की उम्र में तो सोनिया सबसे ज्यादा 52 की उम्र में अध्यक्ष बनीं। जनवरी, 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष चुने गए थे राहुल, तब से कांग्रेस करीब 27 चुनावों में हारी।

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