राहुल बोले- मोदी को डेमोक्रेसी समझाने के लिए SC का शुक्रिया

नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अपोजिशन ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”थैंक्यू सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री को डेमोक्रेसी समझाने के लिए।” कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी-अमित शाह को देश से माफी मांगने की भी मांग की है। वहीं, अरविंद केजरीवाल बोले- ‘दो बार इतना जबरदस्त तमाचा लगा है मोदी सरकार को, पहले उत्तराखंड में अब अरुणाचल में। उम्मीद है मोदी जी इससे सबक लेंगे और जनता द्वारा चुनी सरकारों का सम्मान करेंगे।’
कांग्रेस ने क्या कहा?….
– कांग्रेस स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह से माफी मांगने की मांग की।
– अरुणाचल कांग्रेस के नेता निनोंग एरिंग ने कहा- ‘हमारे कुछ दोस्तों ने मामले को भटकाने की कोशिश की। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे गलत बताया।’
– ‘हम फैसले का स्वागत करते हैं। राज्य में फिर से कांग्रेस सरकार बहाल होगी।’
कलीखो पुल क्या बोले
– इस समय अरुणाचल के सीएम कलीखो पुल ने कहा, ‘सरकार नंबर्स से चलती है। कोर्ट आकर सरकार नहीं चला सकता। मेरी सरकार बरकरार रहेगी।’
क्या बोले नबाम तुकी?
– कांग्रेस के सीएम रहे नबाम तुकी ने कहा – ‘इस फैसले से देश में डेमोक्रेसी मजबूत होगी और देश में अच्छा मैसेज जाएगा।’
– ‘अब मैं राज्य में जाऊंगा और 47 एमएलए से बात करूंगा। कानूनी तौर पर जो भी करना चाहिए, वो करूंगा।’
आप ने साधा निशाना
– दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी! अगर लोकतंत्र के प्रति थोड़ी बहुत भी इज्जत बाकी है तो ऐसे गवर्नर को तुरंत पद से हटाइए जिनकी हरकत अब असंवैधानिक ठहराई जा चुकी है।’
– ‘मोदी जी! अब तो लोकतंत्र का सम्मान करना सीखिए। किसी राज्य के लोग अगर अन्य पार्टी की सरकार चुन लेते हैं तो उन्हें सजा देना बंद कीजिए।’
– आम आदमी पार्टी के स्पोक्सपर्सन आशुतोष ने ट्वीट किया, ‘एक तानाशाह की हार, लोकतंत्र की जीत।’
– आशुतोष ने ये भी लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट के उत्तराखंड और अरुणाचल पर दिए गए फैसले से तानाशाह का चेहरा सामने आ गया है। मोदीजी को लोगों के फैसले का सम्मान करना सीखना चाहिए।’
– ‘दिल्ली के एलजी को भी सीखना चाहिए कि वे कॉन्स्टिट्यूशन के प्रति जवाबदेह हैं न कि भारत के तानाशाह के लिए।’
अरुणाचल में क्या हुआ?
– 9 दिसंबर, 2015- गवर्नर ने स्पीकर को हटाने का रेजोल्यूशन पास किया और 16 दिसंबर को सेशन असेंबली के बाहर कराने को कहा।
– 15 दिसंबर, 2015- स्पीकर ने कांग्रेस के 14 एमएलए को डिसक्वालिफाई किया।
– 16 दिसंबर, 2015- डिप्टी स्पीकर तेनजिंग नोरबू थोंगडोक ने स्पीकर को हटाने का ऑर्डर दिया। सेशन को असेंबली के बाहर कराने का रेजोल्यूशन स्वीकार किया गया।
– 16 दिसंबर, 2015- कम्युनिटी हॉल में स्पेशल सेशन बुलाया गया। सरकार और स्पीकर को सेशन में जाने से रोका गया।
– 17 दिसंबर, 2015- स्पीकर रेबिया गुवाहाटी हाईकोर्ट चले गए।
– 5 जनवरी, 2016- हाईकोर्ट में जस्टिस बीके सरमा ने 14 कांग्रेस एमएल के डिसक्वालिफिकेशन पर स्टे दे दिया। साथ ही इस मामले में स्पीकर की पिटीशन पर किसी अन्य कोर्ट में सुनवाई को भी खारिज कर दिया गया। इसके बाद स्पीकर सुप्रीम कोर्ट चले गए।
– 26 जनवरी, 2016-अरुणाचल में प्रेसिडेंट रूल लगा दिया गया।
– 19 फरवरी, 2016- कलीखो पुल ने अरुणाचल के सीएम के रूप में शपथ ली।
– 13 जुलाई, 2016- सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल के गवर्नर के फैसले को गलत ठहराया।
स्पेशल सेशन में क्या हुआ?
– एंटी-तुकी माने जाने वाले डिप्टी स्पीकर थोंगडोक को सेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
– सेशन में कांग्रेस के 20 विद्रोही विधायक, बीजेपी के 11 और 2 निर्दलीय एमएलए शामिल हुए।
– इन सभी ने मिलकर इम्पीचमेंट (महाभियोग) प्रस्ताव पास किया।
– साथ ही तुकी सरकार के खिलाफ नो-कॉन्फीडेंस मोशन लाया गया।
– तुकी की फ्लोर टेस्ट में हार हुई। (जबकि सेशन में सरकार मौजूद ही नहीं थी।)
– कलीखो पुल को हाउस का नया नेता चुन लिया गया।

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