रियलिटी शो से फल-फूल रहे नृत्य प्रशिक्षण संस्थान

नई दिल्ली: टेलीविजन रियलिटी शो के प्रति माता-पिता के बढ़ते अनुराग की वजह से पूरे भारत में नृत्य प्रशिक्षण संस्थान फल-फूल रहे हैं.

दिल्ली स्थित ‘बिग डांस सेंटर’ के संस्थापक अतुल जिंदल ने से कहा, “पिछले दो वर्षो से इस उद्योग में काफी प्रगति हुई है. यह देखना अद्भुत है कि कैसे नृत्य के प्रति माता-पिता का नजरिया बदल गया है. अब अगर उनके बच्चे नृत्य की कक्षाओं में जाना चाहते हैं तो वे नाराज नहीं होते.”

न्यूयार्क स्थित संस्थान से प्रशिक्षण ले चुके अतुल को उस वक्त लोगों की प्रतिक्रिया से निराशा हुई थी जब उन्होंने इसे अपना करियर बनाने का फैसला किया था.

उन्होंने कहा, “हमारे लिए माता-पिता को समझाना कठिन था कि नृत्य से समय की बर्बादी नहीं होती. आज परिस्थिति बदल गई है.”

नृत्य पर आधारित रियलिटी शो के क्षेत्र में भारत का पथ प्रदर्शन करने वाले शो ‘बूगी वूगी’ की शुरुआत 1995 में हुई थी जिसने ‘डांस इंडिया डांस’, ‘जस्ट डांस’, ‘इंडियाज गॉट टैलेंटस’, ‘डांसिंग क्वीन’, ‘डांस प्रीमियर लीग’, ‘चक धूम धूम’ और ‘झलक दिखला जा’ और ‘नचले वे’ की आधारशिला रखी.

नृत्य के मामले में उत्तर प्रदेश का मेरठ भी पीछे नहीं है.

‘इमेजिन डांस एकेडमी’ चलाने वाली यास्मानी शाक्या ने कहा, “रियलिटी शो की वजह से नृत्य के संबंध में लोगों की सोच बदली है.”

‘लार्ड विजयेज डांस स्टूडियो’ के संस्थापक लार्ड विजय ने आईएएनएस से कहा, “मध्यम वर्ग के लिए चमक-दमक खतरनाक हो सकता है. यहां नृत्य को लेकर कोई वर्जना नहीं है, लेकिन हर कोई नृत्य निर्देशक नहीं हो सकता. आप अपने जुनून को तब तक खींच सकते हैं जब तक यह आपका पेट भर सकता है.”

उनका मानना है कि रियलिटी शो में बहुत कड़ी प्रतियोगिता होती है और सफल होने के लिए हर दिन कुछ नया सीखना पड़ता है.

लेकिन यहां अमित जैन जैसे लोग भी है जो अपने जुनून और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बना कर रखते हैं. उनका मानना है कि ऐसे मंच कुछ समय के लिए प्रसिद्धि देते हैं, न कि जीवन भर की गारंटी.