रेल बजट : राजस्थान को जो मिला, वो भी नहीं हुआ पूरा, इस बार फिर प्रभु से उम्मीदें

जयपुर। पिछली बार रेल बजट में राजस्थान के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की, लेकिन इनमें से काफी पर काम ही नहीं हो पाया है। इसमें सबसे चर्चित घोषणा स्टेशन पर वाई फाई की सुविधा देने की थी, जिस पर कोई अमल नहीं हो पाया है। वहीं, दलालों पर अंकुश लगाने में अभी भी रेलवे असफल रहा है।
रेलवे का अपना दावा…
 हालांकि रेलवे का दावा है कि राज्य में मूलभूत सुविधाओं के लिए आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने पर काफी काम हुआ है। अजमेर-नसीराबाद-सवाई माधोपुर रूट पर रेल मार्ग के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।
नहीं मिली वाईफाई की सुविधा :
रेल बजट में बड़े स्टेशनों को वाई फाई से जोड़ने की घोषणा की गई थी, उसमें राज्य में एक भी स्टेशन को नहीं जोड़ा गया है। संचार माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच वाईफाई की आवश्यकता काफी महसूस की जाती है। दलालों पर अंकुश नहीं लगा पाए हैं। आज भी आम यात्री के रिजर्वेशन की खिड़की पर जाने पर पता चलता है कि कोई सीट खाली नहीं है, वहीं, गाड़ी रवाना होने के बाद सामने आता है कि कई सीटें खाली पड़ी है।
गुड्स ट्रेफिक पर लोगों का रुझान घटा :
गुड्स ट्रेफिक में बेहतर सेवाओं का वादा किया गया था, लेकिन मालगाडिय़ों और पैसेंजर गाड़ियों में भी सामान भेजने की प्रवृति कम होती जा रही है। व्यापारी सड़क मार्ग से माल ज्यादा भेजने लगे हैं। यहां सबसे बड़ी खामी होम डिलीवरी नहीं होने की सामने आई है।
टोंक के लिए सर्वे की रफ्तार धीमी :
रेलवे ने अजमेर, नसीराबाद सवाई माधोपुर वाया टोंक के लिए सर्वे का काम तो शुरू कर दिया है, लेकिन उसकी गति काफी धीमी है। 165 किमी लंबे इस मार्ग की लागत 873 करोड़ रुपए आंकी गई है।
टर्मिनल बनानेे बाकी :
रेलवे ने सवारी गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़े स्टेशनों पर यात्री भार कम करने के लिए नए स्टेशनों को टर्मिनल बनाने के घोषणा की थी। जोधपुर में भगत की कोठी पर यह प्रयोग हुआ, लेकिन अन्य बड़े शहर में यह अभी अपेक्षित है। जयपुर में गांधी नगर और दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन, बीकानेर में लालगढ़ स्टेशन, अजमेर में दोराई और मदार स्टेशन हैं, जिनको नए टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है।
नए कामों की घोषणा की उम्मीद :
-जयपुर से कटरा, दिल्ली, हरिद्वार और मुंबई के लिए सीधी नई ट्रेनों की घोषणा की उम्मीद की जा रही है।
-मारवाड़ जंक्शन से मावली जंक्शन तक मीटर गेज लाइन को ब्रॉड गेज लाइन मं बदलने की घोषणा संभव।
-बिलाड़ा से बर से बीच लाइन बिछाने के सर्वे का काम शुरू करने की घोषणा की उम्मीद है।
-सीमावर्ती जिलों में सैनिकों और अर्द्ध सैनिकों के लिए अलग रिजर्वेशन काउंटर खोले जाने की उम्मीद।
-जयपुर-जोधपुर शटल सुपरफास्ट और मंडोर एक्सप्रेस को बाड़मेर तक बढ़ाने की घोषणा की उम्मीद है। सैनिकों की सुविधा के लिए यह जरूरी है।
पिछली घोषणाओं में ये काम शुरू :
-अलवर-रेवाड़ी खंड में विद्युतीकरण का काम जारी, मार्च तक पूरा होने की उम्मीद।
-जयपुर में दो और जोधपुर में दो एसकेलेटर शुरू। भीलवाड़ा में बाकी।
-10 रेलवे स्टेशनों पर मेल व एक्सप्रेस गाड़ियों के प्रायोगिक ठहराव शुरू।
-मकराना-परबतसर, सीकर-लोहारू और सीकर चूरू मार्ग (कुल 161.9 किमी ) पर अमान परिवर्तन।
-केशवगंज-स्वरूपगंज, केशवगंज-मोरीबेड़ा एवं गुडिया-मारवाड़ (कुल 105.36 किमी) दोहरीकरण।
-रेल सेवा विस्तार के लिए इस साल में 387.09 करोड़ का फंड मिला।
-उत्तर पश्चिम रेलवे में 3 नई रेल सेवाएं और एक में विस्तार।
-राज्य में चलने वाली ट्रेनों में 15,184 अस्थाई और 61 स्थाई डिब्बों की बढ़ोतरी। स्पेशल ट्रेनों के 4,835 फेरे चलाए।
-26 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन, 50 किलोवाट के संयंत्र मुख्यालय और हर मंडल की छत पर लगाने के लिए वर्क ऑर्डर जारी।
-रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए सुरक्षा हेल्प लाइन 182, रेल यात्री हेल्प लाइन 138 शुरू की गई।
-शिकायतों का ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए मोबाइल एप, ऑनलाइन वेबसाइट से और मोबाइल नंबर 97176 30982 पर एसएमएस की सुविधा शुरू।
-जीरो दुर्घटना मिशन, समपार फाटकों पर संरक्षा, ई-केटरिंग, रेडी टू ईट खाना और एक्जीक्यूटिव लॉज की सुविधा भी शुरू की गई है।