रैलियों में व्‍यस्‍त मोदी, मंत्री बने मुसीबत

Tatpar 05/02/2014

नितिन पटेल ने मुसीबत में डाला

गरीबी पर गाइडलाइंस को लेकर चौतरफा आलोचना झेल रहे नरेंद्र मोदी को उनकी ही सरकार के एक मंत्री ने नई मुसीबत में डाल दिया है।
मंत्री के अप्रवासी मजदूरों को राज्य में गरीबी में बढ़ोतरी की वजह बताए जाने के बाद कांग्रेस ने गुजरात सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया और वह शिवसेना की बोली बोल रही है।
कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा ने कहा कि मोदी के वित्त मंत्री नितिन पटेल प्रदेश में गरीबी के लिए अप्रवासियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं जबकि इन्हीं अप्रवासियों ने गुजरात के विकास के लिए काम किया है।

‘भाजपा की भाषा शिवसेना जैसी’

शोभा ओझा ने कहा कि उनकी भाषा शिवसेना जैसी है। इससे गुजरात सरकार और भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। माफी मांगने की बजाए भाजपा अप्रवासियों को दोषी ठहरा रही है। अप्रवासियों का मामला कई राज्यों में संवेदनशील मुद्दा बन चुका है और अब कांग्रेस लोकसभा चुनाव अभियान में इसे जोरशोर से प्रचारित करेगी।

ओझा ने 3 अक्तूबर 2011 को योजना आयोग के उपाध्यक्ष और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश द्वारा संयुक्त रूप से लिखे गए पत्र को भी जारी किया।

इस पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार सामाजिक-आर्थिक जाति आधारित जनगणना के जरिए जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर वंचितों के लिए कई कदम उठाएगा। ऐसे में योजना आयोग द्वारा इस्तेमाल की जा रही पद्धति विभिन्न स्कीमों में गरीबों को शामिल करने पर कोई रोक नहीं लगाती है।

क्या कहा था नितिन पटेल ने

मोदी सरकार में वित्त मंत्री नितिन पटेल ने प्रदेश में गरीबों की संख्या बढ़ने पर कहा था कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत अन्य राज्यों से गुजरात में आने वाले गरीब लोगों को भी बीपीएल श्रेणी में शामिल किया गया, इससे गरीबों की संख्या बढ़ी है। साथ ही अप्रवासियों के चलते प्रदेश की जनसंख्या में भी वृद्धि हुई है।

इसके जवाब में कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने ट्वीट किया कि मोदी सरकार कहती है कि दूसरे राज्यों से गरीब लोगों के आने के चलते पिछले 10 सालों में गरीबी बढ़ी है। क्या गरीब केवल गुजरात ही आते हैं?