लागू होगी मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना

Tatpar 2 Jan 2014

भोपाल। बुजुर्गो को तीर्थ यात्रा कराने के लिए लागू मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के सकारात्मक नतीजे मिलने के बाद सरकार अब किसानों के लिए मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना लागू करेगी। इसमें ऐसे खेत और किसानों की पहचान की जाएगी जो नई तकनीक से खेती करके रिकार्ड उत्पादन ले रहे हैं। ऐसे खेतों को तीर्थ का दर्जा देकर वहां प्रदेश के पिछ़़डे किसानों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। ये योजना अगले 100 दिन में लागू होगी।

विधानसभा चुनाव के बाद सरकार ने गांव, गरीब और किसानों को फोकस कर योजना बनाने और क्रियान्वित करने का काम जोर-शोर से शुरू किया है। कृषि विभाग ने आगामी सौ दिन की जो कार्ययोजना तैयार की है उसमें मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना को भी शामिल किया गया है।

विभाग पहली बार किसानों की एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम को इस रूप में लागू करने जा रहा है। इसमें प्रदेश के ऐसे किसान, जिन्होंने नई तकनीक की बदौलत न केवल अपनी खेती में सुधार कर लिया बल्कि मिसाल भी बन गए, ऐसे किसानों की पहचान कर उनके खेतों को तीर्थ का दर्जा दिया जाएगा। जिले और अन्य स्थानों के पिछ़़डे किसानों के सामने इन खेतों को उदाहरण के तौर दिखलाया जाएगा ताकि वे सीख लेकर अपने तौर-तरीकों में बदलाव करके विकासशील किसानों की पंक्ति में ख़़डे हो जाएंगे।

विशेषज्ञ करेंगे पहचान

खेत तीर्थ के लिए खेतों के चिन्हांकन का काम विभाग के अधिकारी नहीं करेंगे। इसके लिए कृषि कॉलेज और कृषि शोध संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। विभाग इन खेतों को देखने के लिए सरकार अपने खर्च पर पिछ़़डे किसानों को जिले के भीतर और बाहर भिजवाएगी। इस दौरान उदाहरण योग्य खेती करने वाले किसान से पिछ़़डे किसानों की बात भी कराई जाएगी।

किसानों को होगा लाभ

डॉ.राजेश कुमार राजौरा,

प्रमुख सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण ने कहा कि खेती को फायदे का उपक्रम बनाने के लिए सरकार संसाधन से लेकर सुविधाएं किसानों को मुहैया करा रही है। इसी क़़डी में अब मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना लागू की जा रही है। योजना में चिन्हित खेतों को देखने के लिए अन्य स्थानों के पिछ़़डे किसानों को भेजा जाएगा ताकि वे भी विकास की दौ़़ड में कंधे से कंधा मिलाकर चल सकें।

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