लोकसभा में वस्‍तु और सेवाकर विधेयक पारित।

लोकसभा में वस्‍तु और सेवा कर विधेयक पास हो गया है। विधेयक के पक्ष में तीन सौ 52 सदस्‍यों ने वोट डाले जबकि 37 सदस्‍यों ने इसके विरोध में मतदान किया। मुख्‍य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्‍य संवि धान संशोधन विधेयक के बहस पर वित्‍त मंत्री के उत्‍तर के दौरान सदन से उठकर चले गए। नियमों के अनुसार संविधान संशोधन विधेयक को पारित होने के लिए सदन में मौजूद और मतदान करने वाले दोतिहाई सदस्‍यों का समर्थन जरूरी होता है।

वस्‍तु एवं सेवाकर को एक अप्रैल, 2016 से लागू करने का प्रस्‍ताव किया गया है। इसके तहत एक नये प्रत्‍यक्ष प्रणाली की व्‍यवस्‍था की गई है, जिसमें केंद्र और राज्‍य सरकारों द्वारा लगाए जाने वालों करों को सम्मिलित किया गया है। इनमें बिक्री और उत्‍पाद कर शामिल हैं जबकि एल्‍कोहल वाले पेय पदार्थों और पेट्रोलियम उत्‍पादों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने इस विधेयक की मंजूरी को महत्‍वपूर्ण बताया है। उन्‍होंने कहा कि वस्‍तु एवं सेवाकर के जरिए अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था में एकरूपता आएगी, जिससे देश के विकास दर में वृद्धि होगी और महंगाई भी कम होगी। हमारा प्रयास 2003 से लगातार जारी है और हम लोगों ने ऐसी व्‍यवस्‍था की है कि लम्‍बे समय में कीमतें कम होगी और मुद्रास्‍फीति में भी मामूली कमी आएगी और अनुमान है कि इससे भारत के सकल घरेलू उत्‍पाद में वृद्धि होगी। अब इस विधेयक को राज्‍यसभा में प्रस्‍तुत किया जाएगा जहां सरकार अल्‍पमत में है। लोकसभा में जहां सरकार, टीएमसी और बीजेडी का समर्थन प्राप्‍त करने में सफल रही, वहीं राज्‍य सभा में कांग्रेस द्वारा इसे प्रवर समिति को भेजे जाने के मांग से इंकार नहीं किया जा सकता।

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