वनौषधियों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की व्यवस्‍था की जायेगी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आयुर्वेद औषधि निर्माण में शोध को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया आयुर्वेद और योग का महत्व समझने लगी है। राज्य सरकार वनोपज आधारित औषधियों के  निर्माण के क्षेत्र में अनुसंधान को बढावा देगी और

वनौषधियों की मार्केटिंग और ब्रांडिग में कोई कसर नहीं छोडेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के वन जड़ी-बूटियों से भरे पड़े हैं। वनौषधियों से न सिर्फ स्वास्थ्य बल्कि औषधि निर्माण से जुडे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। श्री चौहान आज यहाँ लाल परेड ग्राउंड पर अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि विभागों के आपसी सहयोग और समन्वय से विंध्या वेली हर्बल उत्पादों को मार्केटिंग का मजबूत आधार देने की रणनीति बनाई जायेगी। इसके अंतर्गत वर्तमान में साँची पार्लर में विंध्या वेली उत्पाद प्रदर्शित किये जायेंगे। उन्होने कहा कि राशन की दुकानों में भी हर्बल उत्‍पाद रखने की योजना बनाने पर विचार किया जाना चाहिये ताकि आम लोगों को भी आयुर्वेद का लाभ मिल सके। उन्होने कहा कि सिंहस्थ 2016 में विश्व स्तर का आयुर्वेद सम्मेलन किया जाना चाहिये ताकि मध्यप्रदेश में उपलब्ध आयुर्वेद ज्ञान और उत्पाद का भी प्रदर्शन हो सके।