विकास की राह पर चलकर हम न्यू इंडिया का मजबूत आधार रखेंगे: मोदी

गांधीनगर​.नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के घोघा में 650 करोड़ रुपए की लागत वाली घोघा-दहेज रो-रो फेरी सर्विस के पहले फेज का इनॉगरेशन किया। इसके बाद वे फेरी से दहेज पहुंचे। यहां उन्होंने कहा, “घोघा से दहेज आते वक्त मैं यही सोचता रहा कि बीतता हुआ यह वक्त एक नया इतिहास लिख रहा है। एक नए भविष्य के दरवाजे खोल रहा है। विकास की राह पर चलकर हम न्यू इंडिया का मजबूत आधार रखेंगे, सपना साकार करेंगे, देश की जनशक्ति के सही इस्तेमाल का सपना पूरा करेंगे।”
मोदी के स्पीच की अहम बातें…
1) रो-रो फेरी दूसरे राज्यों के लिए मॉडल सर्विस बनेगी
– नरेंद्र मोदी ने कहा- “दक्षिण गुजरात में पेट्रोलियम-केमिकल्स और पेट्रो-केमिकल्स इन्वेस्टमेंट के साथ ही रेल-रोड नेटवर्क पर जो काम हुआ है, पहले किसी ने नहीं सोचा था। हजीरा में भी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में जोर लगाया गया है। मुझे यकीन है कि रो-रो फेरी सर्विस भी दूसरे राज्यों के लिए मॉडल सर्विस का काम करेगी। भविष्य में अगर नया प्रोजेक्ट बनाना है तो उस दिशा में गुजरात ने बड़ा काम किया है।”
2) वाटर वे का ज्यादा इस्तेमाल हो
– नरेंद्र मोदी ने कहा- “दशकों से वाटर ट्रांसपोर्ट के मामले में भारत दूसरे देशों से बहुत आगे था। टेक्निक भी बेहतर थी। गुलामी के लंबे वक्त के दौरान हम अपनी खासियतों को भूलते चले गए। क्षमताएं इतिहास का हिस्सा बन गईं। हमारे नेविगेशन का लोहा सदियों तक दुनिया मानती रही, पर वाटर ट्रांसपोर्ट पूरी तरह नजरंदाज कर दिया गया। रोड 55% है, रेलवे माल ढुलाई का 35% वहन करती है। वाटर वे जो सबसे सस्ता है, वो केवल 5% तक है। पहले ये हिस्सेदारी 30% से ज्यादा हुआ करती थी। हमें इसे बदलने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है।”
3) पोर्ट पॉलिसी लाने में इतनी देर क्यों हुई?
– मोदी ने कहा- “हमारे देश में 7500 किलोमीटर का समुद्री तट, 14500 किलोमीटर का इंटरनल वाटर वे है। एक तरह से मां भारती ने हमें पहले से ही 21000 किलोमीटर तक के जलमार्ग का आशीर्वाद देकर रखा है। बरसों तक हम इस खजाने पर बैठे रहे और समझ ही नहीं पाए कि इसका इस्तेमाल कैसे करें। हमारे यहां पहली पोर्ट पॉलिसी 1995 में बनी। इतनी देर कर दी। उसके पहले पोर्ट के विकास के लिए लंबे विजन के साथ काम नहीं हो रहा था। ये सच है कि इसी वजह से देश को अरबों-खरबों का आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।”

क्या है रो-रो फेरी सर्विस?

– साउथ गुजरात के दहेज और सौराष्ट्र के घोघा के बीच सड़क के रास्ते करीब 310 किलोमीटर की दूरी है। रो-रो फेरी सर्विस के जरिए यह दूरी समुद्री रास्ते से घटकर करीब 31 किलोमीटर हो जाएगी। पहले यह दूरी बस से तय करनी होती थी। रातभर का सफर करना होता था। इस प्रोजेक्ट की नींव मोदी ने ही बतौर सीएम जनवरी 2012 में रखी थी। पहले फेज में इसके जरिए लोग घोघा और दहेज के बीच शिप से आना- जाना कर सकेंगे, जबकि दूसरे फेज में गाड़ी समेत आ-जा सकेंगे।
पिछली बार 16 अक्टूबर को गुजरात पहुंचे थे मोदी
– बीते करीब सवा महीने (38 दिन) में मोदी का यह पांचवां गुजरात दौरा है। इससे पहले वे 16 अक्टूबर को गुजरात गौरव यात्रा के समापन के मौके पर राज्य के दौरे पर पहुंचे थे।
– 7 अक्टूबर को वे दो दिन के गुजरात दौरे पर थे। तब उन्होंने राजकोट, वडनगर और गांधीनगर में डेवलपमेंट के कई प्रोजेक्ट्स की नींव रखी थी। कुछ प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन भी किया था। पीएम 8 अक्टूबर को अपने गांव वडनगर भी गए थे और आसपास के इलाके में रोड शो भी किया था।
– इसके बाद, 17 सितंबर को वे अपने बर्थडे पर भी राज्य में थे।
– इससे पहले 14 सितंबर को उन्होंने जापान के पीएम शिंजो आबे के साथ अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन की नींव रखी थी।

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