विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च से, वित्त मंत्री 20 मार्च को पेश करेंगे 2020-2021 का बजट, कई योजनाएं बंद होंगी

भोपाल. विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च से शुरू होगा। मंगलवार देर रात राज्यपाल लालजी टंडन ने अधिसूचना जारी कर दी। सत्र की शुरूआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी, इसके अगले ही दिन अभिभाषण पर चर्चा होगी। ये सत्र 13 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान वित्त मंत्री तरुण भनोत 20 मार्च को 2020-2021 का बजट पेश करेंगे। इधर, आम बजट 2020 में केंद्रीय करों से मिलने वाली राशि में बड़ी कटौती से प्रदेश का बजट अनुमान गड़बड़ा गया है। केंद्र सरकार ने 14 हजार 233 करोड़ रुपए की केंद्रीय करों में कटौती कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि नए बजट में प्रदेश सरकार कुछ नए कर लगा सकती है और कई योजनाओं को बंद किया जा सकता है। 

वर्ष 2019-20 में एक लाख 79 हजार 353 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की संभावना जताई जा रही थी। अब इसमें लगभग 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की कमी होने के आसार है। प्रदेश में जो राजस्व आना चाहिए, वह भी लक्ष्य से 16 हजार करोड़ रुपए कम है। ऐसे हालात में 2020-21 का बजट पेश करने से पहले मौजूदा बजट को पुनरीक्षित किया जाएगा। पिछले बजट में वित्त मंत्री तरुण भनोत ने 2 लाख 33 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया था। इसमें 2 लाख 14 हजार करोड़ रुपए शुद्ध व्यय बताया गया था। सभी स्रोतों से आय एक लाख 79 हजार 353 करोड़ रुपए आंकी गई थी। इसमें 63 हजार 750 करोड़ रुपए केंद्रीय करों से प्राप्त होने थे।

जुलाई 2019 में केंद्र सरकार ने इसमें कटौती कर राशि 61 हजार 73 करोड़ रुपए कर दी। एक फरवरी 2020 को प्रस्तुत बजट में यह राशि और कम कर 49 हजार 517 करोड़ रुपए कर दी गई। इस प्रकार राज्य को केंद्रीय करों में 14 हजार 233 करोड़ रुपए की कटौती हो गई। इसके अलावा केंद्र से मिलने वाले 36 हजार 360 करोड़ रुपए के सहायता अनुदान में भी कमी आई है।

कई योजनाओं को बंद करने की तैयारी

बजट से पहले प्रदेश सरकार कई योजनाओं को बंद करने की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में 5 सीनियर आईएएस अधिकारियों की टीम बनाई है जो विभागवार रिपोर्ट देंगे कि किस स्कीम को चलाया जाए या बंद किया जाए। वे 18 फरवरी तक रिपोर्ट वित्त विभाग को सौंपेंगे।

बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर : अपर मुख्य सचिव गोपाल रेड्डी को समन्वयक और अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान, पीएस मलय श्रीवास्तव, पीएस मनु श्रीवास्तव, पीएस संजय शुक्ला, पीएस नितेश व्यास और उप सचिव अजय चौबे को सदस्य बनाया गया है।

सामाजिक क्षेत्र : अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव को समन्वयक और अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार, पीएस एसएन मिश्रा, पीएस अशोक शाह, पीएस दीपाली रस्तोगी, सचिव रमेश थेटे, सचिव बी चंद्रशेखर और उप सचिव रूपेश पठवार को सदस्य बनाया गया है।

कृषि एवं सहयोगी क्षेत्र : अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को समन्वयक और अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया, पीएस राजेश राजौरा, पीएस अजीत केसरी, सचिव एम. सेलवेंद्रम और उप सचिव शक्ति शरण को सदस्य बनाया है।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य : अपर मुख्य सचिव केके सिंह को समन्वयक और अपर मुख्य सचिव वीरा राणा, पीएस अनुपम राजन, पीएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी, पीएस रश्मि अरूण शमी, पीएस पल्लवी जैन गोविल, प्रमुख शिवशेखर शुक्ला, उप सचिव डॉ. इलैया राजा टी और उप सचिव ओपी गुप्ता को सदस्य बनाया है।

अतिरिक्त राजस्व जुटाना : अपर मुख्य सचिव अनुराग जैन को समन्वयक और अपर मुख्य सचिव आईसीपी केसरी, पीएस नीरज मंडलोई, पीएस संजय दुबे, पीएस अनिरूद्ध मुखर्जी, पीएस मनीष रस्तोगी, पीएस डीपी आहूजा, पंजीयन महानिरीक्षक अमित राठौर और उप सचिव मनोज जैन को सदस्य बनाया गया है।

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