विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद राहुल को बनाया जा सकता है कांग्रेस प्रेसीडेंट

नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बावजूद राहुल गांधी को कांग्रेस प्रेसीडेंट बनाया जा सकता है। पार्टी स्पोक्स पर्सन रणदीप सुरजेवाला ने गुरूवार को इसे लेकर इशारा किया। एक रिपोर्टर ने जब उनसे पूछा कि क्या इलेक्शन रिजल्ट के बाद राहुल को कांग्रेस प्रेसीडेंट बनाने के प्लान को कुछ समय के लिए टाल दिया जाएगा, सुरजेवाला ने कहा, आपका सुझाव शानदार है, हम इसे सीधे-सीधे खारिज करते हैं।
‘ये गलत सुझाव हमें मंजूर नहीं….’
 -पीटीआई के मुताबिक सुरजेवाला ने कहा, हर चुनाव के अपने मुद्दे होते हैं। हम किसी एक शख्स – तरूण गोगोई या ओमन चांडी – के लिहाज से स्टेट इलेक्शन को नहीं देखते।
-उन्होंने कहा, हम उन कारणों का मंथन करेंगे जहां हमें बेहतर करने की जरूरत है। हम इस गलत सुझाव को पूरी तरह खारिज करते हैं।
-राहुल के करीबी समझे जाने वाले एक दूसरे कांग्रेस नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि राहुल को आप जितना सोचते हैं उससे जल्दी प्रमोशन दी जाएगी।
-उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिवालय में भी जल्द ही फेरबदल हो सकता है।
-इससे पहले इस महीने पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस राहुल के इस साल पार्टी चीफ की पोस्ट संभालने की उम्मीद कर रही है।
क्यों उठ रहे हैं राहुल पर सवाल
-असम में पहली बार बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही तो केरल भी कांग्रेस के हाथ से गया। बीजेपी केरल में भी खाता खोलने में कामयाब रही।

-मुस्लिम बहुल आबादी वाले राज्य असम में सरकार बनाने की उपलब्धि को बीजेपी लंबे वक्त तक भुना सकेगी।
– असम के बाद उसके पास 10 राज्य हो जाएंगे। बीजेपी की अभी हरियाणा, गोआ, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में सरकार है। पंजाब, आंध्र, जम्मू-कश्मीर में गठबंधन है। अरुणाचल में वह बाहर से सपोर्ट दे रही है। असम उसका 13th राज्य होगा। 43.1 फीसदी आबादी वाले राज्यों में उसकी सरकार होगी।

– कांग्रेस के पास 15.58% आबादी वाले 8 राज्य बचे हैं। ये हैं हिमाचल, उत्तराखंड, कर्नाटक, मेघालय, असम, मिजोरम, मणिपुर और कर्नाटक।
– अन्य दल 41.16% आबादी वाले राज्यों में सरकार चला रहे हैं।
असम में हेमंत बिस्वा का जाना
-असम में बीजेपी के जीत में कांग्रेस के पूर्व नेता रहे हेमंत बिस्वा सरमा का रोल अहम माना जा रहा है।
-हेमंत को चुनाव से पहले कई बार राहुल गांधी से मिलने से रोका गया। इसके बाद वे नाराज होकर बीजेपी में शामिल हो गए।
-इस बार असम के परंपरागत वोटरों और चाय बागानों में काम करने वाले 35 लाख मतदाताओं तक बीजेपी की पहुंच बनाने में उनका हाथ माना जा रहा है।
एक नजर में पांच राज्यों के नतीजे…
असम (कुल सीट-126)
बीजेपी:86 (+59)
कांग्रेस:26 (-52)
एआईयूडीएफ:13 (-5)
अन्य: 1 (-2)
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प. बंगाल (कुल सीट-294)
टीएमसी:211 (+27)
लेफ्ट+कांग्रेस: 84 (-20)
बीजेपी: 3 (+3)
अन्य: 4 (-2)
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तमिलनाडु :
एआईएडीमके(जयललिता ): 134 (-16)
डीएमके (करुणानिधि की पार्टी):89 (+66)
कांग्रेस:8(+3)
अन्य:01(-55)
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केरल
लेफ्ट फ्रंट: 85 (+17)
यूडीएफ (कांग्रेस गठबंधन): 47 (-25)
बीजेपी: 01 (+1)
अन्य: 7 (+7)
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पुड्डुचेरी:
कांग्रेस और डीएमके: 17 (+8)
एआईएनआरसी :8 (-7)
एआईएडीएमके:4(-1)

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