विवादों से दूर रहेगा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल

Tatpar 6/Jan/2014

समीर शर्मा, जयपुर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय और पिछले दो बार से लेखकों व अतिथियों के कारण विवाद में रहनेवाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इस बार किसी तरह का विवाद होने की आशंका नहीं है।

पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए हैं कि जयपुर के डिग्गी पैलेस में 17 जनवरी से होनेवाले इस फेस्टिवल में विवादित लेखकों, वक्ताओं व अतिथियों को आने ही नहीं दिया जाए।

आशीष नंदी के कारण हुआ था बवाल
पिछली बार दो बार से सलमान रुश्दी की विवादित पुस्तक के अंश पढऩे जाने से तथा आशीष नंदी की विवादित टिप्पणी से उपजे बवाल ने पुलिस की नामक में दम कर दिया था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जयपुर पुलिस ने आयोजकों से जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल – 2014 में आमंत्रित लेखकों व अतिथियों की सूची मांगी है।

पुलिस इन नामों में से विवादित लोगों की चिह्नित करेगी और उसी हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर निर्णय किए जाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस विवादित लेखकों व अतिथियों को बुलाने पर पाबंदी लगाने की भी लगाने की तैयारी कर रही है।

हालांकि इस महीने होनेवाले आयोजन में पिछले हंगामों के चलते बने पुलिस दबाव के कारण आयोजकों खास विवादित व्यक्तित्व को बुलाने से बचे हैं। वर्ष 2012 में सलमान रुश्दी को लेकर शहर भर में जमकर प्रदर्शन हुए थे।

इसके बाद वर्ष 2013 में आशीष नंदी की भ्रष्टाचार को लेकर एक विशेष वर्ग के लिए विवादित टिप्पणी से हंगामा खड़ा हो गया था। नंदी की टिप्पणी ने राजनीतिक रूप ले लिया था।

इसके साथ ही दो वर्षों से अन्य वक्ताओं की ओर से मंच से अत्यधिक आपत्तिजनक टिप्पणियों ने भी इस फेस्टिवल की गरिमा को ठेस पहुंचाई थी।