वेंकैया नायडू पहले ऐसे उपराष्ट्रपति जिन्होंने स्वतंत्र भारत में जन्म लिया: मोदी

नई दिल्ली.वेंकैया नायडू शुक्रवार को उपराष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वेंकैया ने हिंदी में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार संभाला। इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने कहा- वेंकैया देश के पहले ऐसे उपराष्ट्रपति जिन्होंने स्वतंत्र भारत में जन्म लिया। बतौर उपराष्ट्रपति अपना पहला भाषण भी देंगे। 5 अगस्त को उपराष्ट्रपति चुनाव हुआ था। नायडू ने यूपीए कैंडिडेट गोपालकृष्ण गांधी को हराया था। बता दें कि शुक्रवार को हामिद अंसारी का उपराष्ट्रपति के तौर पर आखिरी दिन था।
मोदी ने और क्या कहा…?
नरेंद्र मोदी ने कहा- “मैं समझता हूं कि वो पहले ऐसे नेता हैं जो इतने सालेां तक इसी परिसर में इन्हीं सब के बीच में पले-बढ़े। शायद ही देश को ऐसे उप राष्ट्रपति मिले जो सदन की बारीकियों से परिचित हैं। खुद इस प्रक्रिया से निकले।”
– “छात्र जीवन में जेपी के आव्हान को लेकर शुचिता और सुशासन के लिए जो राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला आंध्र प्रदेश में विद्यार्थी नेता के रूप में उन्होंने खुद को झोंक दिया। व्यक्तित्व और कार्यक्षेत्र का विकास किया। हमने उन्हें इसलिए यह गौरवपूर्ण जिम्मेदारी दी। वेंकैया जी किसान के बेटे हैं। कई वर्षों तक उनके साथ मुझे काम करने का सौभाग्य मिला है।”
– “वेंकैया गांव, किसान और गरीब पर बारीकी से अध्ययन करते हुए हमेशा इनपुट देते रहे। कैबिनेट में वह अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर थे। उससे ज्यादा रुचि से वे किसान रूरल विषय पर रखते थे। यह उनके बैकग्राउंड की वजह से थे।”
वेंकैयाजी की देन है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
– मोदी ने कहा- “जब वेंकैया तेलुगु में भाषण देते हैं, तब लगता है कि वे सुपरफास्ट चला रहे हैं। वह शब्दों का खेल नहीं होता वह बारीकियों को जानने की वजह से होता है। वेंकैया जी ने वह सब देखा है। कोई ऐसा सांसद नहीं है, जो एक विषय पर सरकार से बार-बार आग्रह न करता हो। चाहे मनमोहन सिंह जी की सरकार हो या मेरी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का यह आइडिया आदरणीय वेंकैया जी ने दिया।”
आजाद ने कहा- अमीरों का भी आजादी में योगदान
– गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पंडित मोतीलाल नेहरू इतने अमीर थे कि आज के हिसाब से उनकी वकालत की हर दिन की प्रैक्टिस 6 से 7 करोड़ रुपए होती।
– उन्होंने कहा कि उन करोड़पति और अमीरों को भी याद किया जाना चाहिए, जिन्होंने अपना परिवार और जिंदगी देश की आजादी के लिए समर्पित कर दी।
– आजाद ने कहा कि महात्मा गांधी काफी सम्पन्न परिवार से थे, जो वकालत की प्रैक्टिस करने के लिए साउथ अफ्रीका गए। देश की आजादी के लिए उन्होंने अपने कपड़े तक उतार फेंके। आजाद ने कहा, “इसमें गरीबी-अमीरी का सवाल नहीं है। इनके पीछे एक ताकत है, वह लोकतंत्र है।’
– उन्होंने कहा, “सुभाष चंद्र बोस, गांधीजी, नेहरू, पटेल, मौलाना आजाद को कौन भूल सकता है। ये संपन्न थे, उन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी और ऐसा संविधान दिया कि आज कोई भी कुछ भी बन सकता है।’
आजाद ने नायडू को याद दिलाया कर्तव्य
– गुलाम नबी आजाद ने वेंकैया को उनके पद संभालने की बधाई दी और उनका कर्तव्य भी याद दिलाया।
– उन्होंने कहा, “आप इस सदन के लिए नए नहीं। एमपी के रूप में भी मंत्री के रूप में भी। विशेष रूप से जब आप संसदीय मामलोंं के मंत्री रहे। हम लड़ते रहे झगड़ते रहे, लेकिन सदन से बाहर जाते थे तो एक साथ रहते थे।”
– “जब कोई शख्स किसी पॉलिटिकल पार्टी में होता है तो अपनी पार्टी के व्यू प्वाइंट को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करता है, लेकिन वही व्यक्ति मंत्रिमंडल में आ जाता है तो दृष्टिकोण पूरी तरह बदल जाता है। उसे दल का भी ख्याल रखना है, लोगों का भी और देश का भी। लेकिन एक तीसरा पद है जिस पद पर आज आप बैठे हैं। वह निष्पक्ष होता है।”
– “जिस सीट पर नायडू बैठे हैं उसके पीछे एक तराजू है, जो जज, स्पीकर और राज्यसभा चेयरपर्सन काे याद दिलाता है कि वह निष्पक्ष है। इस पद पर इंसान सिर्फ इंसान होता है। वह जब न्याय करता है तो उसके सामने न धर्म होता है और न उसकी पार्टी। एकबार फिर हम आपको मुबारकबाद देते हैं। आपकी लंबी आयु की कामना करते हैं। सेहतमंद रहें स्वस्थ्य रहें।”
अपडेट्स
11:00 AM:मोदी ने स्पीच दी।
11:00 AM:राज्यसभा कीकार्यवाही शुरू।
10:24 AM:वेंकैया नायडू राज्यसभा पहुंचे।
10:08 AM:वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति पद की हिंदी में शपथ ली। इस दौरान नरेंद्र मोदी के अलावा सरकार के मंत्री और विपक्ष के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे।
10:05 AM:राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अनुमति के बाद समारोह शुरू किया गया और एम वेंकैया नायडू के नाम का एलान किया गया।
10:04 AM: शपथ ग्रहण समारोह शुरू।
09:58 AM: शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे पीएम मोदी
09:58 AM: वेंकैया नायडू राष्ट्रपति भवन पहुंचे।
09:10 AM: इसके बाद वे पटेल चौक भी गए, जहां उन्होंने सरदार वल्लभपटेल पटेल को श्रद्धांजलि दी।
09:04 AM:वेंकैया नायडू शुक्रवार सुबह सबसे डीडीयू पार्क में पहले दीन दयाल उपाध्याय के स्मारक पहुंचे और उन्हें नमन किया।
25 साल में सबसे बड़े अंतर से जीते थे वेंकैया
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नायडू 11 बजे सदन पहुंचेंगे और राज्यसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे। परंपरा के मुताबिक, नायडू के सदन में पहुंचने के बाद दूसरे दलों के नेता उन्हें सभापति की चेयर तक ले जाएंगे। संसद के मानसून सेशन का शुक्रवार को आखिरी दिन है।
– उपराष्ट्रपति चुनाव में वेंकैया को मिली जीत 25 साल में सबसे बड़े अंतर की भी जीत है। इससे पहले 1992 में केआर नारायणन को 701 में से 700 वोट मिले थे। नायडू 15वें उपराष्ट्रपति होंगे। हालांकि, इस पद पर बैठने वाले वे 13वें शख्स होंगे।
किसे कितने वोट मिले थे?
– लोकसभा में 545 मेंबर हैं, लेकिन दो सीट खाली हैं। वहीं, बीजेपी सांसद छेदी पासवान को अयोग्य घोषित किया गया है। 542 सांसदों ने अपने मत का इस्तेमाल किया। वहीं, राज्यसभा में कुल 245 मेंबर हैं, लेकिन दो सीट खाली है।
– इस तरह कुल 785 (542+243) सांसदों में से 771 सांसदों ने ही वोट डाले। 14 सांसदों ने वोट नहीं डाला। 11 वोट अवैध घोषित कर दिए गए।
– यानी 760 वोट ही वैलिड रहे। इनमें से नायडू को 516 और गांधी को 244 वोट मिले। चुनाव जीतने के लिए 381 वोट की जरूरत थी।
पहली बार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बीजेपी से
– 1980 में बनी बीजेपी के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पार्टी से जुड़ा नेता उपराष्ट्रपति होगा। बीजेपी से जुड़े रामनाथ कोविंद पहले ही राष्ट्रपति पद पर काबिज हो चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं ही।
– इससे पहले एनडीए के पहले कार्यकाल में बीजेपी के नेता भैरों सिंह शेखावत राज्यसभा के सभापति बने थे, उसके बाद नायडू यह पद ग्रहण करने वाले दूसरे नेता होंगे।

कौन हैं वेंकैया?
– 68 साल के वेंकैया का जन्म 1 जुलाई, 1949 को नेल्लोर के चावतापालेम में हुआ था। वेंकैया का नाम सबसे पहले 1972 के जय आंध्र आंदोलन से सुर्खियों में आया था। 1974 में वे आंध्रा यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट यूनियन के नेता चुने गए। इसके बाद वह आपातकाल के दौरान जेपी आंदोलन से जुड़े। आपातकाल के बाद ही उनका जुड़ाव जनता पार्टी से हो गया था। वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी की यूथ विंग के प्रेसिडेंट भी रहे। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए। 1978 से 85 तक वे दो बार विधायक भी रहे।
– 1980-85 के बीच वेंकैया आंध्र प्रदेश में बीजेपी के नेता रहे। 1985-88 तक पार्टी के जनरल सेक्रेटरी रहे। 1988-93 तक उन्हें राज्य का बीजेपी प्रेसिडेंट बनाया गया। सितंबर, 1993 से 2000 तक वे नेशनल जनरल सेक्रेटरी की पोस्ट पर भी रहे। वे 2002 से 2004 के बीच बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट भी रहे।
– वेंकैया अटल बिहारी वायजेपी के करीबी थे, जिस वजह से उन्हें वाजपेयी सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का जिम्मा सौंपा गया था। मोदी सरकार में वे शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्‍मूलन और संसदीय कार्य मंत्री रहे।
– नायडू की पत्नी का नाम एम. उषा है। परिवार में एक बेटा और दो बेटी हैं।