वेबसाइटों पर गर्भ में लड़का-लड़की के निर्धारण संबंधी सामग्री पर प्रतिबंध लगाए

उच्चतम न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने के प्रयास करने को कहा है कि गूगल इंडिया, याहू इंडिया और माइक्रो सॉफ्ट कारपोरेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, जैसे वेबसाइट गर्भ में लड़का या लड़की की जांच पर रोक लगाने के भारतीय

कानून का उल्लंघन करने वाली कोई सामग्री न दिखायें। न्यायमूर्ति दीपक मिश्र और न्यायमूर्ति यू. यू. ललित की पीठ ने कहा कि यह कोशिश की जानी है कि इन वेबसाइटों पर देश के कानूनों के प्रतिकूल किसी तरह की सामग्री न तो दिखाई जाए और न ही विज्ञापन दिये जाएं। खंडपीठ ने कहा कि वह इस बारे में सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सक्षम प्राधिकारी की मदद लेगी। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 15 दिसम्बर निर्धारित की है। एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दाखिल जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि कानूनी रोक के बावजूद ये वेबसाइट अब भी ऐसे विज्ञापन दिखा रही हैं।