वैज्ञानिक डॉ. एचआर नागेंद्र में ‘योगा’ की कमान

भोपाल। इतिहास में पहली बार 21 जून को विश्व योग दिवस’ मनाया जाएगा। 191 देशों में एक साथ योग किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरविंद केजरीवाल को अपनी खांसी ठीक कराने के लिए जिस योग वैज्ञानिक डॉ. एचआर नागेंद्र का नाम सुझाया था, उनकी ही देखरेख में दुनिया भर में योग कार्यक्रम हो रहे हैं। डॉ. नागेंद्र का मप्र से भी गहरा ताल्लुक रहा है। डॉ. नागेंद्र नासा में काम कर चुके हैं। वे पिछले 40 सालों से योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं। tatpar patrika ने उनसे खास बातचीत की।

पहले जाने कार्यक्रम के बारे में…
डॉ. नागेंद्र बताते हैं, ’21 जून से योग के कार्यक्रमों की एक श्रंखला शुरू हो रही है। इसका मुख्य आयोजन दिल्ली के राजपथ पर हो रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। संपूर्ण भारत में 2 से 3 हजार कैंप लगाए जाएंगे, इन कैंप में 50 से 100 लोग शामिल होंगे। इसमें योग के आसन सिखाएं जाएंगे। संपूर्ण विश्व में इस तरह का कार्यक्रम पहले कभी नहीं हुआ है। हमने ऐसे 100 कैंप लगाए हैं, जिसमें अच्छा रिजल्ट आया है। नवंबर में देशभर में योग जागरूकता के लिए यात्रा भी निकालना है, जिसका समापन उज्जैन में होने वाले कुंभ में होगा। पहले यह यात्रा 21 जून से ही निकालने का प्रोग्राम था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया। इस कैंपेन के द्वारा भारत में 20 करोड़ लोगों से संपर्क करने का प्लान है।’

बीमारियों के अनुसार होते हैं योग के अासन
डॉ. नागेंद्र के मुताबिक, योग के माध्यम से खराब जीवन शैली से उत्पन्न बीमारियों को कंट्रोल करने की विधा बताई जाएगी। इसमें उन आसनों के बारे में जानकारी भी दी जाएगी, जिनसे डायबिटीज जैसी बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है। यह कैंप भारत के सभी 671 जिलों में लगाया जाएगा, जिसमें 2 लाख डायबिटीज और प्री-डायबिटिक रोगी भाग लेंगे। इस कैंपेन का नाम रखा गया है,’ स्टॉप डायबिटीज मूवमेंट’।’

कौन है डॉ एचआर नागेंद्र
72 साल के एचआर नागेंद्र का जन्म जनवरी 1943 में हुआ। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस’ से बीई और एमई मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ही पीएचडी की। वह नासा में काम करने अमेरिका गए। जब वहां काम कर रहे थे, तो उनके अंकल एचवी शेषाद्री ने उन्हें भारत में योग को बढ़ावा देने के लिए भारत बुलाया। वह नासा की नौकरी से इस्तीफा देकर भारत आ गए और 1975 में बेंगलुरु में स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्था’ की स्थापना की। इस संस्थान में योग के माध्यम से बीमारियों का इलाज किया जाता है। इस संस्थान में कौन सी बीमारियों के लिए कौन से आसन करना होगा, इस पर बाकायदा रिसर्च की गई है। मोदी को डायबिटीज है, इसी वजह से वह भी डॉ. नागेंद्र के संपर्क में आए। डॉ. नागेंद्र योग पर 30 पुस्तकें लिख चुके हैं और 150 रिसर्च पेपर पढ़ चुके हैं।

प्रदेश के 400 कैंपों में होंगे योग के आसन

मप्र में स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान’ का काम देख रहीं आरएच लता ने बताया कि मप्र-छत्तीसगढ़ में योग सिखाने के लिए 21 से 27 जून तक 400 कैंप लगाए जा रहे हैं। भोपाल में 4 कैंप लगाए जाएंगे। विश्व में सबसे ज्यादा डायबिटीज रोगी, चीन में हैं और भारत दूसरे नंबर पर। लेकिन जिस तरह से 25 से 35 साल के युवाओं में डायबिटीज के केस बढ़ रहे हैं, वह चिंता का विषय है।

मप्र के ये डायबिटिक नेता डॉ. नागेंद्र के संपर्क में

स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान’ की मदद से मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, सुंदर लाल पटवा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी बीमारियों को कंट्रोल में किए हुए हैं।