व्यापमं: जांच का जिम्मा लेने आज पहुंचेगी CBI, पेंशन पर SIT चीफ- सरकार में ठनी

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले की जांच के लिए 40 अफसराें वाली सीबीआई टीम सोमवार को भोपाल पहुंचेगी। सीबीआई इस मामले की जांच कर रहे राज्य एसआईटी से केस अपने कब्जे में लेगी। व्यापमं पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच, मामले की जांच कर रही राज्य एसआईटी के चीफ चंद्रेश भूषण के पेंशन को लेकर उनका शिवराज सरकार से कानूनी विवाद सामने आया है।
क्या है मामला
एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट के जज रहे एसआईटी प्रमुख रिटायर्ड जस्टिस चंद्रेश भूषण इससे पहले उप-लोकायुक्त रह चुके हैं। उन्हें 2014 में व्यापमं घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का चेयरमैन बनाया गया था। बीते पंद्रह महीने से भूषण राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर रिटायर्ड उप-लोकायुक्त के तौर पर फैमिली पेंशन की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, वे राज्य सरकार के पास पेंडिंग लीव का एनकैशमेंट भी चाहते हैं। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) ने उनकी यह दोनों ही मांग ठुकरा दी, जिसके बाद भूषण ने लोकायुक्त के पास शिकायत की। चूंकि, लोकायुक्त आम तौर पर भ्रष्टाचार के मामले देखते हैं, इसलिए उन्होंने यह मामला सरकार के प्रशासनिक विभाग को फॉरवर्ड करते हुए जवाब मांगा है। वहीं, जीएडी का कहना है कि भूषण की डिमांड गैर वाजिब है।
क्या कहना है राज्य सरकार का
जीएडी का कहना है, ”चंद्रेश को हम पहले ही बता चुके हैं कि वह अपने पूरे कार्यकाल के लिए अधिकतम 300 दिन के लीव एनकैशमेंट के लिए एनटाइटल्ड हैं, जो वह हाईकोर्ट के जज के तौर पर करा चुका हैं। चूंकि, उन्होंने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की है, इसलिए हमने यह मामला लीगल डिपार्टमेंट को उनकी राय जानने के लिए भेज दिया है। जीएडी के डिप्टी सेक्रेटरी राजेश कौल के मुताबिक, एसआईटी चीफ हाईकोर्ट जज के तौर पर रिटायर होने के बाद फैमिली पेंशन लेते रहे हैं। कौल के मुताबिक, उप-लोकायुक्त के तौर पर रिटायरमेंट के बाद, उनकी पेंशन को रिवाइज किया गया, लेकिन दो फैमिली पेंशन देने का कोई प्रावधान नहीं है। ”
सीबीआई जांच में कौन होगा
सूत्रों का कहना है कि व्यापमं की जांच के लिए सीबीआई भोपाल जोन (भोपाल, जबलपुर, भिलाई और नागपुर) की सभी एंटी करप्शन ब्रांच के अधिकारी शामिल होंगे। टीम को पांच-छह यूनिट में बांटा जाएगा। छह सदस्यीय टीम झाबुआ जाएगी। वहां जर्नलिस्ट अक्षय सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। जांच एजेंसी इस सिलसिले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और वकील विवेक तनखा से पूछताछ कर सकती है।