शपथ के बाद मंच से उतरकर आडवाणी के पास पहुंचे कोविंद, लगे जयश्री राम के नारे

नई दिल्ली. रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्हें सीजेआई (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) जेएस खेहर ने पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद कोविंद ने स्पीच दी, जिसके बाद जयश्री राम के नारे भी लगे। देश के 14वें राष्ट्रपति कोविंद ने अपनी पहली स्पीच में बताया कि राष्ट्र निर्माता कौन कहलाता है। उन्होंने 8 नेताओं- महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सरदार पटेल, भीमराव अंबेडकर, दीनदयाल उपाध्याय, एपीजे अब्दुल कलाम औरप्रणब मुखर्जी का नाम लिया।
125 करोड़ भारतीयों के भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा…
– राष्ट्रपति कोविंद ने अपनी स्पीच में कहा, “संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल तत्वों का पालन किया जाता है। मैं भी यही करूंगा। 125 करोड़ नागरिकों ने जो विश्वास जताया, उस पर खरा उतरने का वचन देता हूं। मैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृण्ष्णन, डॉ. कलाम और प्रणब मुखर्जी जिन्हें हम प्रणब दा कहते हैं, उनके पदचिह्नों पर चलने जा रहा हूं।”
गांधी ने रास्ता दिखाया, पटेल ने एकीकरण किया
– कोविंद ने कहा, “महात्मा गांधीजी ने हमें मार्ग दिखाया। सरदार पटेल ने हमारे देश का एकीकरण किया। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हम सभी में मानवीय गरिमा और गणतांत्रिक मूल्यों का संचार किया। वे राजनीतिक स्वतंत्रता से संतुष्ट नहीं थे। वे करोड़ों लोगों की आर्थिक स्वतंत्रता का लक्ष्य चाहते थे।”
गांधी-दीनदयाल की कल्पना का समाज बनाएंगे
– राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “आज पूरे विश्व में भारत के दृष्टिकोण का महत्व है। विश्व समुदाय हमारी तरफ देख रहा है। हम तेजी से विकसित होने वाली एक मजबूत अर्थव्यवस्था है। हमें समान मूल्यों वाले अवसर का निर्माण करना होगा। ऐसा समाज जिसकी कल्पना महात्मा गांधी और दीनदयाल उपाध्याय ने की थी।”
पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, किसान और शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता?
– कोविंद ने कहा, “राष्ट्र निर्माण अकेले सरकारों द्वारा नहीं किया जा सकता। सरकार सहायक हो सकती है। वह समाज के उद्यमियों को नई दिशा दिखा सकती है। राष्ट्रीय गौरव ही राष्ट्र निर्माण का आधार है।”
– “देश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माता है। प्रत्येक भारतीय मूल्यों का संरक्षक है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र बल राष्ट्र निर्माता है। पुलिस और अर्द्धसैनिक बल जो आतंकवाद से लड़ रहे हैं, वे राष्ट्र निर्माता है। जो किसान तपती धूप में अन्न उगा रहा है, वो राष्ट्र निर्माता है। जो भारत को मंगल तक ले जा रहा है, या किसी वैक्सीन का आविष्कार कर रहा है, वो राष्ट्र निर्माता है। जिस नौजवान ने अपना स्टार्टअप शुरू किया है और खुद रोजगारदाता बन गया है, वो राष्ट्र निर्माता है।”
– “वो प्रतिबद्ध लोकसेवक, जो पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। पानी से भरी सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रित कर रहे हैं या दफ्तरों में बैठकर फाइलें भी देख रहे हैं, वो राष्ट्र निर्माता है। शिक्षक भी राष्ट्र निर्माता हैं।”
आडवाणी-जोशी को झुककर किया नमस्कार
– कोविंद ने शपथ लेने के बाद पहली कतार में बैठीं सुषमा स्वराज, मनमोहन सिंह, प्रतिभा पाटिल, एचडी देवेगौड़ा, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू और सोनिया गांधी को नमस्कार किया। कोविंद ने आडवाणी और जोशी को झुककर नमस्कार किया।

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