शराबी ड्राइवरों और बगैर हेलमेट वालों पर सीएम हुए और सख्त, कार्रवाई के निर्देश

रायपुर.राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से दुखी मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आखिरकार कहना पड़ा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों की जांच में सख्ती लायी जाए। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करें। आज ही राजधानी के पास भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हुई है जबकि कल भिलाई में कल चार इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हुई थी।
              मालूम हो कि सीएम खुद दो बार सड़कों पर हेलमेट लगाकर निकल चुके हैं ताकि लोग हेलमेट पहनें। सोमवार रात सीएम हाउस में परिवहन विभाग के अधिकारियों से उन्होंने कहा कि वाहनों की ओव्हर लोडिंग पर भी सख्ती से पाबंदी लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी यातायात वाले मार्गो पर सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
दुर्घटनाएं मुझे विचलित-व्यथित करती हैं : सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में चौबीस घंटे में हुए सड़क हादसों में कई नागरिकों की आकस्मिक मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य का जीवन अनमोल है। इसलिए सड़क हादसों में होने वाली हर मृत्यु की घटना मुझे अत्यंत विचलित और व्यथित करती है।
             उन्होंने फिर अपील की कि सड़क हादसों से बचने बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें तथा यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करें। मुख्यमंत्री ने आज आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम मोखला, कल दुर्ग-राजनांदगांव बाईपास मार्ग पर चार इंजीनियरिंग छात्रों की मृत्यु और राजधानी में दीनदयाल उपाध्याय नगर इलाके में एक स्कूटी सवार युवती की मृत्यु की घटना पर भी दुख व्यक्त किया है।
 उन्होंने सभी दिवंगतों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है।
गाड़ियों से फैलने वाले प्रदूषण की जांच अब पेट्रोल पंपों पर ही
अब गाड़ियों के प्रदूषण जांच पेट्रोल पंपों में ही करने वहां प्रदूषण जांच केन्द्रों की स्थापना होगी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए केन्द्रों की स्थापना के लिए स्वीकृति देने के अधिकार कलेक्टरों को सौंपे जाएं। प्रथम चरण में सभी पेट्रोल पंपों में वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए केन्द्रों की स्थापना की जाए।
            कलेक्टर जरूरत के अनुसार पेट्रोल पम्प के अलावा अन्य जगहों पर भी वाहनों की प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापना की स्वीकृति दे सकेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि यातायात की दृष्टि से राज्य के व्यस्त प्रमुख मार्गो के किनारे स्पीड ब्रेकरों की जानकारी देने बोर्ड लगेंगे।
वाहन चालकों की आंखों और बीपी की होगी जांच
अब वाहन चालकों की आंखों की जांच होगी। रक्त परीक्षण के लिए निशुल्क शिविर भी लगाए जाएंगे। यातायात सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे। जहां वाहन चालकों की आंख की जांच, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की मुफ्त जांच की जाएगी। शिविरों में वाहन चालकों को निशुल्क चश्मे दिए जाएंगे।