शाह की नसीहत का असर: 6 मंत्री पहुंचे मंत्रालय, फाइलें निपटाईं, मीटिंग भी की

भोपाल.भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की नसीहत का असर दिखने लगा है। शिवराज कैबिनेट के छह मंत्री सोमवार को मंत्रालय पहुंचे। महत्वपूर्ण फाइलें निपटाईं। अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मैदानी अफसरों से बात की। उन्होंने कहा कि अब जिलों में प्रभारी मंत्री किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनेंगे।
जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव मंगलवार को पहली बार सरपंचों से बात करेंगे। इस अवसर पर विभाग और जिलों में पदस्थ अफसर मौजूद रहेंगे, लेकिन उन्हें बिना अनुमति बोलने की इजाजत नहीं होगी।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान शाह चेतावनी दे गए कि यदि मैदानी कार्यकर्ताओं की नाराजगी खत्म नहीं हुई और मतदाता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरे तो पार्टी नेतृत्व कड़े फैसले लेगा। शाह ने पार्टी नेताओं को आगाह भी किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर हो जाएं।
मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौरों के अलावा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सभी की जिम्मेदारी तय कर दी। उन्होंने फीडबैक के आधार पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और संगठन स्तर पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को दूर करने के निर्देश दिए।
दस दिन बारिश नहीं हुई तो उत्पादन घटेगा : बिसेन
हमने फसलों की वर्तमान स्थिति पर मैदानी अफसरों से बात की है। हालांकि बारिश औसत से कम होने पर फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं है, लेकिन दस दिन बारिश नहीं हुई तो उत्पादन घट जाएगा।
सीएम भी दे चुके हैं निर्देश
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी कैबिनेट के सदस्यों को निर्देश दे चुके हैं कि हर सोमवार और मंगलवार को मंत्रालय में रहें और अफसरों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करें, लेकिन मंत्रियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जबकि शाह की बैठक में जब मंत्रियों के दौरे करने का मुद्दा उठा तो मंत्रियों ने बचाव में कह दिया कि वे सोमवार-मंगलवार को मंत्रालय में रहते हैं।
मलैया, शाह, अंतर सिंह व रामपाल भी पहुंचे मंत्रालय
वित्त मंत्री जयंत मलैया, स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह, पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह और पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य ने सोमवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान मंत्रियों ने पेंडिंग फाइलें भी निपटाई। रामपाल सिंह ने सड़कों के निर्माण की जानकारी अफसरों से ली।
27 को गुना में 1 लाख किसानों की सभा करेंगे शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 27 अगस्त को गुना में एक लाख किसानों की सभा करेंगे। इस दौरान वे फसल बीमा दावे की राशि बांटेंगे। आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि अमित शाह ने गुना व छिंदवाड़ा लोकसभा सीट कांग्रेस से छीनने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। गुना में सीएम की सभा को इसका आगाज माना जा सकता है क्योंकि यहां किसानों को 123 करोड़ बीमा राशि बांटी जाएगी। सीएम इसी दिन चंदेरी में भी किसान सभा करेंगे।
फाइलें दबाकर रखीं तो सह आरोपी होंगे अफसर
कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में किसानों की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अमानक खाद-बीज और उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे मामलों की फाइलें दबाने वाले अफसरों को भी सह आरोपी बनाया जाएगा। उन्होंने अफसरों को किसानों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए नियमित दौरे करने के निर्देश दिए हैंै। दरअसल, मौसम की बेरुखी ने किसानों की नींद उड़ा दी है क्योंकि बारिश नहीं होने से सोयाबीन और धान की फसल पर संकट गहरा गया है।
शाह का फीडबैक
– सरकारी योजनाएं अंतिम छोर के व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
– मंत्रियों के प्रति उनके प्रभार वाले जिलों के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
– विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही हो रही है।
शाह के निर्देश
– मंत्रियों के कामकाज में तेज़ी लाना है। निचले स्तर तक दौरे करें।
– जिन मंत्रियों का प्रदर्शन ठीक नहीं है, उन्हें बाहर कर नए को मौका दें।
– जिन विधायकों का काम ठीक नहीं है उन्हें चेतावनी दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *