शिवराज का चुनावी स्ट्रोक,बढ़े हुए बिजली बिलों को किया स्थागित

 

 

 

 

 

 

 

  • इन्दौर में 1.44 लाख उपभोक्ताओं को राहत,कंपनी के 72 करोड़ अटके

शैलेन्द्र सिंह पंवार, इन्दौर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को इन्दौर में बढ़े हुए बिजली बिलों को स्थागित करने की घोषणा की है, इससे अकेले इन्दौर शहर के ही करीब 1.44 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिल जाएगी। हालांकि इससे बिजली कंपनी की 72 करोड़ की राशि भी अटक जाएगी, आने वाले दिनों में यह आंकडा बढ़ भी सकता है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को आगामी उपचुनाव के संदर्भ में चुनावी (मास्टर) स्ट्रोक माना जा रहा है, क्योंकि बिजली बिलों को लेकर सबसे ज्यादा लोगों में नाराजगी थी।

मुख्यमंत्री का शुक्रवार को इन्दौर में व्यस्त दौरा रहा, यहां वे चार कार्यक्रमों में शामिल हुए। रेसीडेंसी पर उन्होने पत्रकारों से कहा कि बढ़ी हुई राशि के बिलों को स्थागित किया जा रहा है, इनके परिक्षण के बाद ही उपभोक्ताओं से इसकी वसूली की जाएगी, सितम्बर माह से सिर्फ एक-एक माह का ही बिजली बिल उपभोक्ताओं को मिलेगा। हालांकि उन्होने स्पष्ट नहीं किया की इस दायरे में किस श्रेणी के उपभोक्ता आएंगे, लेकिन सूत्रों की माने तो 1 हजार किलो वाट या इससे कम खपत वाले उपभोक्ताओं को ही इसका लाभ दिया जा रहा है, क्योंकि इस पर पिछले दिनों शासन स्तर पर सहमति बन गई है और तीनों बिजली कंपनियों तक यह आदेश भी पहुंच गए है। तालाबंदी में अप्रैल व मई माह में रीडिग़ ही नहीं हो सकी थी, जून माह में उपभोक्ताओं तक जो बिल पहुंचे थे, उसमे अप्रैल-मई 2019 के आधार पर राशि जोड़ दी गई। अप्रैल व मई माह में मैन्यूल बिल जारी नहीं होने से अधिकांश उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर सके थे, फिर कई उपभोक्ता ऐसे भी थे जिन पर पहले का भी बकाया था, इस स्थिति में जून माह का बिल हजारों में पहुंच गया, इससे उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। कंपनी ने जून व जुलाई के मध्य तक तो सख्ती नहीं की और किश्त में भी भुगतान का विकल्प दिया, लेकिन इसके बाद सख्ती शुरू कर दी गई, प्रतिदिन हजारों उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटने लगे, डीबिजन व झोन कार्यालयों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगने लगी, ऐसी स्थिति इन्दौर में ही नहीं पुरे प्रदेश की में बनने लगी। इससे लोगों में शिवराज सरकार के प्रति नाराजगी बढऩे व 27 विधानसभा उपचुनाव में भी नुकसान होने की जानकारी पहुंची। कांग्रेस की इस मामले पर पुरी नजर थी और मतदाताओं के बीच मनमाने बिल का मुद्दा भुनाने में भी जुटी हुई थी। तब शिवराज सरकार ने बढ़े हुए बिजली बिलों को स्थगित करने का निर्णय लिया, इन्दौर में मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर इसकी बात कही। बढ़े हुए बिजली बिलों के कारण नुकसान का अंदेशा था तो अब स्थगित करने को चुनावी फायदे के रूप में माना जा रहा है। इस निर्णय से प्रदेश के 30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को तत्कालिक राहत मिल गई है, इन्दौर में यह आंकडा 1.44 लाख के आस पास है। वैसे इस निर्णय से प्रदेश स्तर पर हजारों करोड़ व इन्दौर शहर में करीब 72 करोड़ अटकने की जानकारी बिजली कंपनी ने जुटाई है। घाटे में चल रही बिजली कंपनियों के लिए यह निर्णय आर्थिक तौर पर कमर तोडऩे के समान भी है।।