संगठन के समान निकाय चुनाव में भी भाजपा करेगी उम्र का बधंन लागू

 

 

 

 

 

 

  • नए चेहरों को मौका मिलेगा,3-4 बार के कई पार्षद घर बैठेंगे

शैलेन्द्र सिंह पंवार, इन्दौर। संगठन की तर्ज पर भाजपा इस बार नगरीय निकाय चुनाव में भी अधिकतम युवा चेहरों को मौका देगी। नए नेतृत्व को आगे करने के लिए जिस तरह से संगठन में आयु का फार्मुला अपनाया गया है, वैसा ही नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषद में भी आयु का बंधन तय किया जाएगा।

27 विधानसभा उपचुनाव के साथ ही राज्य सरकार ने नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां भी शुरू कर दी है, अभी नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषदों में आरक्षण की प्रक्रिया जारी है। इन्दौर में 85 वार्डों में शुक्रवार को आरक्षण किया जा चुका है, जबकि इसके दो दिन पुर्व जिले की आठों ही नगर परिषद में भी आरक्षण की प्रक्रिया पुरी कर ली गई है। आरक्षण की प्रक्रिया पुर्ण होते ही वार्ड पार्षद के दावेदार अब और अधिक सक्रिय हो जाएंगे, जबकि जिनके वार्ड आरक्षण की भेंट चढ़ गए है वे अब या तो ठंडे पड़ जाएंगे या फिर नए अवसर तलाशेंगे। कांग्रेस सरकार में रहते भाजपा निकाय चुनाव को लेकर चिंता की स्थिति में थी, लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में उत्साहित है, क्योंकि पुराने परीसिमन के आधार पर ही निकाय चुनाव होने जा रहे है। वर्तमान परिसीमन के लिहाज से भाजपा की पुरी जमावट है। निकाय चुनावों में भाजपा नए चेहरों को मौका देने की योजना भी बना रही है, जिस तरह से पिछले दिनों संगठन में आयु का फार्मुला तय किया गया है, लगभग वैसा ही निकाय चुनाव के लिए भी आयु का बंधन तय किया जा रहा है, जिससे की नए व युवा चेहरों को निकाय अध्यक्ष, वार्ड पार्षद बनने का मौका मिल सके। प्रदेश भाजपा के एक पदाधिकारी की माने तो अधिकतम 50 वर्ष की आयु के कार्यकर्ता को ही वार्ड पार्षद का टिकट दिया जाएगा, बहुत मजबूरी हुई तब ही टिकट के मामले में 55 वर्ष की आयु पर समझौता हो सकेगा। हालांकि अधिकतम टिकट 40 से 45 वर्ष की आयु तक के कार्यकर्ताओं को ही दिए जाएंगे। कुछ इसी तरह की बात शुक्रवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने भी कही है, उन्होने कहा कि संगठन के समान ही निकाय चुनाव में भी 40 वर्ष की आयु के युवा कार्यकर्ताओं अधिकतम मौका दिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तब भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को घर बैठना पड़ेगा, जो अभी 3 से 4 बार लगातार पार्षद चुनकर आ रहे है। हालांकि आयु का फार्मुला तय होने की स्थिति में ये अपने परिवार के युवा चेहरों को आगे करने की जुगत में भी रहेंगे। ऐसे कई उम्रदराज पार्षदों ने तो बिते कुछ वर्षों से अपने पुत्र,पुत्री व भाईयों को वार्डों में सक्रिय भी कर रखा है।

■ ये होंगे प्रभावित
अगर प्रदेश के निकायों में भाजपा आयु का बंधन तय करती है तब इन्दौर से भाजपा के कई दिग्गज पार्षदों को घर बैठना पड़ेगा। इनमे प्रमुख रूप से सूरज कैरो, मुन्नालाल यादव, राजेन्द्र राठौर, चन्दू शिंदे, अजय सिंह नरूका, सुरेश कुरवाड़े, संतोष सिंह गौर, विनिता धर्म, होलास सोनी, शकुंतला गुर्जर, रामदास गर्ग, निरंजन सिंह चौहान गुड्डू, बलराम वर्मा, कविता खोवाल, राजकपुर सुनहरे सहित दो दर्जन पुर्व पार्षद व संगठन के पदाधिकारी प्रमुख रूप से शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *