संसद में उत्तराखंड मुद्दे पर हंगामा: राज्यसभा में नारेबाजी, 3 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली. सोमवार से बजट सेशन का दूसरा फेज शुरू हो गया। राज्यसभा में नए सांसदों के शपथ के बाद हंगामा शुरू हो गया। नारेबाजी के चलते राज्यसभा को 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इससे पहले राज्यसभा को 2 बजे तक स्थगित किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल लगाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया। वहीं, बीजेपी का कहना है कि मामला कोर्ट में है।
ये बोले गुलाम नबी आजाद…
– आजाद बोले- उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल लगा है। इस पर चर्चा होकर रहेगी।
– ‘जो सरकार कोर्ट के ऑर्डर का सम्मान नहीं करती, उसका कैसे विश्वास करें?’
– ‘देश में लोकतंत्र का अपमान हुआ है।’
– अपोजिशन ने राज्यसभा में ‘मोदी की तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए।
– इस बीच राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
– वहीं, लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल समेत 20 कांग्रेस सांसदों ने वेल में आकर उत्तराखंड मसले पर सरकार का विरोध किया।
बीजेपी ये बोली
 राजनाथ सिंह ने कहा- हमने कुछ नहीं किया। उत्तराखंड का पूरा मसला कांग्रेस की आंतरिक समस्या के चलते हुआ है।
– मुख्तार अब्बास नकवी बोले- चर्चा करना चाहते हैं। लेकिन मामला कोर्ट में पेंडिंग है। इसलिए चर्चा नहीं कराई जा सकती है।
इसलिए हो रहा उत्तराखंड मुद्दे पर बवाल
– उत्तराखंड में 9 कांग्रेस MLA’s के पार्टी छोड़ने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी।
– गवर्नर की सिफारिश के बाद राज्य में प्रेसिडेंट रूल लगा दिया गया था।
– इसके खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए उत्तराखंड में सरकार को कॉन्फिडेंस मोशन पेश करने कहा था।
– सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलटकर प्रेसिडेंट रूल बरकरार रखने की बात रखी। मामले में 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
इन सांसदों ने ली शपथ
राज्यसभा में नए चुने सदस्यों में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, प्रताप सिंह बाजवा ने शपथ ली।
– शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल, श्वेत मलिक ने भी शपथ ली।
‘अच्छे फैसले लिए जाएंगे’
– मोदी ने कहा कि मैं सभी दलों से सपोर्ट की उम्मीद करता हूं। सेशन में अच्छे फैसले लिए जाएंगे।
– मोदी ने ये भी कहा, ‘सेशन को बढ़ाया जा सकता है।’
– संसद भवन एनेक्सी में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान कांग्रेस और आरजेडी ने उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल और सूखे के हालात पर चर्चा की मांग की। – हंगामेदार सत्र की पॉसिबिलिटी को देखते हुए सरकार ने कहा है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
– हालांकि, लोकसभा स्पीकर का कहना है कि उत्तराखंड का मुद्दा कोर्ट में है, इसलिए इस पर 27 अप्रैल से पहले चर्चा पॉसिबल नहीं है।
अपोजिशन की सरकार को घेरने की स्ट्रैटजी
– कांग्रेस ने राज्य सभा में केवल कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया है।
– उत्तराखंड में निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए मोदी सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने की भी मांग की है।
– राज्यसभा में अपोजिशन के उपनेता आनंद शर्मा ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है।
– इसमें राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी से उत्तराखंड में सरकार को अस्थिर करने और वहां प्रेसिडेंट रूल लागू करने के लिए मोदी सरकार की निंदा करने वाला प्रस्ताव पारित कराने का भी आग्रह किया है।
– प्रस्ताव में कहा गया है, ‘यह सदन उत्तराखंड में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने की आलोचना करता है और संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत वहां अनुचित रूप से राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को अस्वीकार करता है।’
– अरुणाचल प्रदेश के मामले में भी कांग्रेस का यही रुख है। पार्टी को उम्मीद है कि इस पर बड़ी संख्या में विपक्षी पार्टियां उसका सपोर्ट करेंगी।
– उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रेसिडेंट रूल रद्द करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत को 29 अप्रैल को बहुमत साबित करने का वक्त दिया था।
– लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर अस्थायी रोक लगाते हुए प्रेसिडेंट रूल लागू माना और अगली सुनवाई की तारीख 27 अप्रैल तय की है।