संसद में मोदी का राहुल पर निशाना? कुछ लोगों की उम्र तो बढ़ती है, पर समझ नहीं

नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर पलटवार किया। कहा, “‘हीन भावना के कारण विपक्ष के होनहार सदस्यों को बोलने नहीं दिया जाता। लेकिन कुछ लोग पढ़कर भी आते हैं और मनोरंजन भी कर जाते हैं।” बता दें कि राहुल ने बुधवार को संसद में मोदी पर जमकर निशाना साधा था।
मोदी ने कहा- कुछ लोग समय बीत जाने के बाद भी चीजें समझ नहीं पाते…
 मोदी V/S राहुल

1 मनरेगा पर मोदी ने कैसे दिया राहुल को जवाब?

राहुल ने बुधवार को क्या कहा था : ‘‘मोदीजी खड़े होते हैं। कहते हैं- मनरेगा बेकार योजना है। जब मनरेगा के लिए (जेटली की बजट स्पीच में) धन आवंटित हुआ तो मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं और ऐसा लगा कि चिदंबरम बजट पेश कर रहे हैं। फिर जेटली मेरे पास आते हैं। कहते हैं- इससे अच्छी स्कीम नहीं है। मैंने कहा- अपने बॉस से क्यों नहीं कहते, प्रधानमंत्री से क्यों नहीं कहते? इस पर जेटली चुप हो गए।”
मोदी गुरुवार को क्या दिया जवाबः ‘‘वाजपेयी जी ने संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना शुरू कराई। 2004 में काम के बदले अनाज का राष्ट्रीय कार्यक्रम आया।
इसके बाद 2006 में इसने नया रूप लिया नरेगा। पहले नरेगा, फिर नया ज्ञान मिला तो मनरेगा।
– ‘‘गरीबों की भलाई के लिए कुछ न कुछ योजनाएं लगातार चलती रही हैं।’’
– ‘‘ये बात सही है कि आप सीना तानकर कह सकते हो कि मोदीजी! चुनाव में भाषण करना अच्छी चीज है। आप कहते हो कि गरीबी
हटाओगे। मोदी तुम उखड़ जाओगे, लेकिन गरीबी को उखाड़ नहीं पाओगे। इतनी जड़ें जमाई हैं आपने।’’
– ‘‘मैंने पिछली बार भी कहा था कि इस देश के 60 साल के इतिहास में हम गरीबों के लिए कुछ कर पाते तो आज गरीबों को मजदूरी
नहीं करना पड़ती। यह हमारी सफलता का स्मारक नहीं है। यह विफलता का स्मारक है।’’
– ‘‘इसलिए यह हमारा दायित्व बनता है कि योजना को और अच्छी बनाएं। गरीबी नहीं होती तो मनरेगा की जरूरत नहीं होती। ऐसी
गरीबी की जड़ों को जमा दिया गया है कि उसे उखाड़ने के लिए भारी मेहनत करनी पड़ रही है।’’
– ‘‘खड़गेजी ने कहा था कि मनरेगा में भ्रष्टाचार बहुत है। मैं आपके साथ हजार फीसदी सहमत हूं। आप 2012 के कैग की रिपोर्ट को
देख लीजिए। पता चल जाएगा कि कितना भ्रष्टाचार हुआ।’’
2 मेक इन इंडिया
 राहुल ने कहा था- ‘‘मोदी जी ने नौकरियों का वादा किया था। बब्‍बर शेर तो बना दिया हर जगह। कितने रोजगार दिए ये तो बताओ। मेक इन इंडिया का बब्‍बर शेर तैयार किया। जहां देखो बब्‍बर शेर। टीवी में देखो बब्‍बर शेर।’’
मोदी ने क्या कहा-”मेक इन इंडिया का मजाक उड़ा रहे हैं? ये देश के लिए है। सफल नहीं हुआ तो उस पर चर्चा करनी चाहिए।’’
– ‘‘जानें ऐसा क्यों है कि हम लोग अपने देश की इमेज ऐसी बनाते हैं, जैसे हमें भीख का कटोरा लेकर निकले हों। जब हम खुद ऐसा कहते हैं, तो दूसरे लोग ये बात ज्यादा चीखकर-ज्यादा मजबूती से कहते हैं। …और ये मैं नहीं कह रहा हूं। ये इंदिराजी ने कहा था। ये 1974 में इंद्रप्रस्थ कॉलेज में इंदिराजी ने भाषण में कहा था।’’
– ‘‘हमारे देश को मजबूत और ऊंची दीवारों ने घेर रखा है। …ये 1968 में इंदिरा गांधी ने कही थी।’’
3 अकेले फैसले करते हैं मोदी
राहुल ने क्या कहा था– ‘मोदीजी बड़े पावरफुल आदमी हैं, डर लगता है। पर आप लोगों (एनडीए के मंत्रियों) को थोड़ा बोलना चाहिए।”
मोदी ने कहा– ‘‘हमसे तो कोई भी सवाल पूछ सकता है। स्टालिन के मरने के बाद कुछ लोग उनकी बड़ी आलोचना करते थे। कुछ भी कहते थे। एक बार एक सभागृह में सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव ने स्टालिन को बहुत कोसा। एक नौजवान खड़ा हुआ और पूछा कि जब स्टालिन जिंदा थे, तब आप उनके साथ काम करते थे। तब आपने क्या किया?’
– ‘ख्रुश्चेव ने कहा कि तुम आज सवाल पूछ पा रहे हो, स्टालिन के समय में मैं नहीं कर पाता था।’
– अपोजिशन पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा- ‘…इस किस्से को समझने में देर लगेगी। बादाम काम नहीं आएगा। कुछ लोग समझ जाएंगे। बाकियों को देर लगेगी।’
4 लोगों की न सुनने पर?
राहुल ने कहा था– मोदी पाकिस्तान चले गए लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इस बारे में पता नहीं चला। जिस वक्त नागा समझौता हुआ, होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह को पता नहीं था।
मोदी ने क्या कहा- ‘‘मैं आलोचना से ज्यादा आरोप झेल रहा हूं। 14 साल में मैं इससे जीना सीख चुका हूं।’’
– ‘‘27 सितंबर 2013 की तारीख देश को याद रखनी चाहिए। हमारे देश के सम्मानीय पीएम डॉ. मनमोहन सिंह अमेरिका में थे। उनकी बातचीत होनी थी ओबामा के साथ।”
– ‘’उनके वक्त देश की कैबिनेट में डॉ. फारुख अब्दुल्ला, एंटनी, शरद पवार साहब बैठते थे। कैबिनेट ने एक फैसला किया था। उस कैबिनेट के फैसले को फाड़ दिया गया था। अपनों से बड़ों का सम्मान… आदर? …पर उपदेश कुशल बहु तेरे…जे आचरहिं ते नर न घनेरे।’’
– ‘दूसरों को उपदेश देने वाले बहुत लोग हैं। जो खुद वैसा आचरण करे, उनकी संख्या कम है।’
मोदी ने किस अध्यादेश का किया जिक्र?
 – राहुल गांधी ने 27 सितंबर 2013 को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दागी नेताओं को बचाने वाले यूपीए सरकार के अध्यादेश को ‘पूरी तरह से बकवास’ बताया था।
– राहुल ने कहा था, ”हमारी सरकार जो कर रही है गलत है। इसे फाड़ कर फेंक देना चाहिए।”
– दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दागी नेताओं को चुनाव न लड़ने को लेकर एक फैसला दिया था। जिस पर यूपीए सरकार ने अध्यादेश का रास्ता चुना था।
– उस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय माकन अध्यादेश की वकालत कर रहे थे।
मोदी का राहुल पर निशाना- कुछ लोगों की उम्र तो बढ़ती है, पर समझ नहीं…
 – राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब मोदी दे रहे थे।
– उन्होंने कहा,”कई बार उम्र तो बढ़ती है, लेकिन समझ नहीं बढ़ती है। इसलिए चीजें समझने में उन्हें समय लगता है। कुछ लोग तो समय बीतने के बाद भी चीजें समझ नहीं पाते। इसलिए विरोध करते हैं। विरोध करने का अपना तरीका ढूंढते रहते हैं।’
नेहरू-राजीव का जिक्र कर साधा कांग्रेस पर निशाना…
 – मोदी ने कहा,” प्रेसिडेंट ने अपनी स्पीच में कहा था कि सदन बहस के लिए नहीं, चर्चा के लिए है। पिछले दिनों जो सदन में हुआ, उससे चिंता होती है।”
– ”सदन नहीं चलता है तो सत्ता पक्ष, विपक्ष के सांसदों का सबसे ज्यादा नुकसान होता है। क्योंकि उन्हें जनता की बात कहने का मौका नहीं मिलता।”
– संसद चलने को लेकर राजीव गांधी के साथ जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी के पुराने बयानों का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा।
– मोदी ने कहा, ”संसद चलने देना चाहिए। ऐसा बड़े कहते हैं। हमें बड़ों की बात माननी चाहिए।”
‘आपने ही तो हमें मौका दिया’
– मोदी ने कहा- ‘हमने स्कूलों में टॉयलेट बनाने का कैम्पेन चलाया है। आप बना देते तो हम काम नहीं कर पाते। इसलिए तो हमें लाखों टॉयलेट बनाने पड़े।’
– ‘बांग्लादेश से सीमा विवाद हमने सुलझाया। आप कर देते तो कह सकते थे कि हमने हमारे कार्यकाल में कर दिया तो मोदी ये तुम्हारा अचीवमेंट कहां होता।’
– ‘18 हजार गांव आजादी के बाद से अंधेरे में डूबे थे। हमने वहां बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा। आप पहुंचा देते तो हमें नहीं करना पड़ा।’
– ‘60 साल में अापके ही काम का परिणाम है, इसलिए हमें करना पड़ा।’
मोदी ने कहा- गरीबी की गहरी जड़ें कांग्रेस ने जमाई हैं
– आम बजट में मनरेगा में ज्यादा अलॉकेशन पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि यूपीए की योजना को मोदी सरकार ने पहले खराब बताया था तो उसे अब ज्यादा पैसे क्यों दिए?
– इस पर मोदी ने कहा, ‘वाजपेयी जी ने संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना शुरू कराई। 2004 में काम के बदले अनाज का राष्ट्रीय कार्यक्रम आया। इसके बाद 2006 में इसने नया रूप लिया नरेगा। पहले नरेगा, फिर नया ज्ञान मिला तो मनरेगा।’
– ‘गरीबों की भलाई के लिए कुछ न कुछ योजनाएं लगातार चलती रही हैं।’
– ‘ये बात सही है कि आप सीना तानकर कह सकते हो कि मोदीजी! चुनाव में भाषण करना अच्छी चीज है। आप कहते हो कि गरीबी हटाओगे। मोदी तुम उखड़ जाओगे, लेकिन गरीबी को उखाड़ नहीं पाओगे। इतनी जड़ें जमाई हैं आपने।’
– ‘मैंने पिछली बार भी कहा था कि इस देश के 60 साल के इतिहास में हम गरीबों के लिए कुछ कर पाते तो आज गरीबों को मजदूरी नहीं करना पड़ती। यह हमारी सफलता का स्मारक नहीं है। यह विफलता का स्मारक है।’
– ‘इसलिए यह हमारा दायित्व बनता है कि योजना को और अच्छी बनाएं। गरीबी नहीं होती तो मनरेगा की जरूरत नहीं होती। ऐसी गरीबी की जड़ों को जमा दिया गया है कि उसे उखाड़ने के लिए भारी मेहनत करनी पड़ रही है।’
– ‘खड़गेजी ने कहा था कि मनरेगा में भ्रष्टाचार बहुत है। मैं आपके साथ हजार फीसदी सहमत हूं। आप 2012 के कैग की रिपोर्ट को देख लीजिए। पता चल जाएगा कि कितना भ्रष्टाचार हुआ।’
”गुजरात की बात हो तो अपोजिशन को बड़ा मजा आता है…”
 – मोदी ने कहा- ‘गुजरात की बात आए तो बड़ा मजा आ जाता है। कहने को कुछ होता नहीं आपके पास। ये बैंकरप्सी है आपकी। जानता हूं कि आपके पास कुछ कहने को नहीं है।’
– ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के आप बार-बार गीत गाते हैं। आज भी 8 राज्य ऐसे हैं जिनमें फूड सिक्युरिटी एक्ट नहीं है। इनमें से 4 राज्य केरल, मिजोरम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश ऐसे हैं, जिनमें आपकी ही सरकारें हैं। गुजरात ने तो बना लिया कानून। आप नहीं बना पाए।’
राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने पर राहुल ने क्या कहा…
 – लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने के फैसले पर सरकार से जवाब मांगा।
– उन्होंने कहा- ‘देश की अंखडता को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसे लोगों को रिहा करने की मांग करते लेटर को इंटरटेन नहीं करना चाहिए।’
– ‘अगर राजीव गांधी के हत्यारों को रिलीज करने की बात तमिलनाडु सरकार करती है, तो इससे ज्यादा बुरा कुछ नहीं हो सकता।’
– उधर, राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कहा-‘यह सरकार का फैसला है। सरकार ही तय करे।’
– बता दें कि तमिलनाडु सीएम जयललिता ने राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने का फैसला किया है। बुधवार को लेटर लिखकर केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर राय मांगी है।
गुरुवार के अपडेट्स…
 – सोनिया गांधी ने संसद में कांग्रेस की स्ट्रैटेजी और राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़े जाने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर पार्टी सांसदों के साथ एक मीटिंग की।
– वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सीनियर मिनिस्टर्स के साथ मीटिंग की।
– राज्यसभा में अपोजिशन के नेता गुलाम नबी आजाद ने केंद्रीय राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया की आगरा में दी गई भड़काऊ स्पीच को देशद्रोह बताया।
– राहुल गांधी ने आज भी मोदी सरकार पर ट्वीट कर हमला बोला- ‘मोदीजी अच्छे दिन ले आए- कालाधन चोरों के लिए Fair & Lovely स्कीम और मेहनती नौकरीपेशा लोगों के EPF पर टैक्स!’
– बता दें कि इसके पहले बुधवार को प्रेसिडेंट की स्पीच पर चर्चा के दौरान राहुल लोकसभा में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था।
किन मुद्दों पर चल नहीं रही है संसद
 1. कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की अवैध संपत्ति के मामले पर। एआईएडीएमके के सांसद इस मसले पर जांच की मांग कर रहे हैं।
2. स्मृति ईरानी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन को लेकर। अपोजिशन का आरोप है कि एचआरडी मिनिस्टर ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट रोहित वेमुला के सुसाइड पर संसद में गलत फैक्ट बताए।
3. केंद्रीय राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया के आगरा में दिए गए भड़काऊ स्पीच पर। कांग्रेस का कहना है कि यह देशद्रोह का मामला बनता है।
राहुल ने कल लोकसभा में क्या कहा था?
 – राहुल ने बुधवार को लोकसभा में कहा था- ”मोदीजी की फेयर एंड लवली योजना आई है। काले धन को आप गोरा कर सकते हो। 2014 में मोदीजी ने कहा था कि मैं कालेधन को खत्म कर दूंगा। मैं कालेधन की लड़ाई जीतूंगा।”
– ”लेकिन मोदीजी की फेयरएंड लवली योजना में किसी को जेल नहीं होगी। कोई अरेस्ट नहीं होगा। जेटलीजी के पास जाइए। टैक्स दीजिए और जेल मत जाइए।”