सत्यार्थी ने कहा कि यह पुरस्कार उन लाखों बच्चों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण

भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को नार्वे के ऑस्लो में आज औपचारिक रूप से नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। श्री सत्यार्थी ने कहा कि यह पुरस्कार उन लाखों बच्चों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है

जिन्हें अपने बचपन से वंचित होना पड़ा है। इस पुरस्कार से हमें अपनी लड़ाई और संघर्ष के बेहद मौके मिलेंगे लेकिन मैं इसे एक बड़ी नैतिक जिम्मेदारी मानता हूं। लाखों बच्चे ऐसे हैं जो न आज़ादी से बोल सकते हैं, न बच्चों की तरह मुस्करा सकते हैं, हमें उनके लिए काम करना है। श्री सत्यार्थी ने मलाला को अपनी बेटी बताते हुए उसे बहुत ही बहादुर बच्ची बताया। इस अवसर पर मलाला यूसुफजई ने कहा कि शिक्षा केवल किसी समूह तक सीमित न होकर जीवन के लिए आवश्यक है।