सन्यास नहीं सिर्फ ब्रेक ले रहा हूं: अजीत जोगी

Tatpar 3 Jan 2014

इसे राजनैतिक असफलता कह लें या पार्टी से लगातार साइड लाइन किए जाने की हताशा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने अब एक साल तक पूरी तरह से राजनीति से दूरी बना लेने का फैसला ले लिया है।

हालांकि अंदाजे तो इस बात के भी लगाए जा रहे थे कि अजीत जोगी राजनीति से हमेशा के लिए सन्यास ले रहे हैं। ऐसा खास तौर पर तब हुआ जब उन्होंने इस बात की घोषणा की थी कि वे 2014 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

बहरहाल अजीत जोगी ने उनके सन्यास की बात का खंडन कर दिया। उनका कहना है कि मैं कोई सन्यास नहीं ले रहा हूं लेकिन हां कम से कम मैं एक साल तक राजनीति से दूरी बनाए रखूंगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मेरे इस एक साल के ‘ब्रेक’ का किसी भई राजनैतिक फैसले या घटना से कोई लेना देना नहीं है। यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है।

अजीत जोगी ने कहा कि मैंने देश की 35 साल तक सेवा की है। लेकिन अब समय आ गया है कि मैं कुछ समय वो काम करूं जो मैं करना चाहता हूं। मैं बैठकर किताबें पढ़ना चाहता हूं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों पर कुछ लिखना चाहता हूं।

उन्होंने कहा एक साल तक राजनीति से दूरी बनाने के इस फैसले में मैंने अपनी पत्नी और बेटे के अलावा किसी और से सलाह नहीं ली है और मुझे यकीन है कि वे भी मेरे इस फैसले से खुश हैं।

अजीत जोगी के लगातार नकारने के बाद भी उनके और पार्टी के बीच के लगातार टकराव किसी से छुपे नहीं हैं। इसके अलावा हाल ही में भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर भी उनकी बौखलाहट साफ-साफ देखी गई थी।