सपा, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के हंगामे के कारण राज्यसभा स्थगित

सीबीआई के कथित दुरूपयोग, राफेल सौदे की जांच के लिए जेपीसी की मांग सहित विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस, सपा, बसपा सहित कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को दो बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजकर करीब 23 मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए।

इस दौरान उन्होंने बताया कि तीन सदस्यों सपा की फातिमा तंजीम और बेनी प्रसाद वर्मा तथा टीआरएस के के केशवराव ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए इस सत्र में अवकाश की मांग की है। सदन की सहमति से नायडू ने अवकाश के आवेदनों को मंजूरी दे दी। फिर नायडू ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कुछ सदस्यों ने उन्हें नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं जिन्हें उन्होंने अस्वीकार कर दिया है।

इस पर सपा, कांग्रेस, माकपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के सदस्यों ने नारेबाजी शुरु कर दी। सपा सदस्य पार्टी नेताओं के खिलाफ केन्द्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, माकपा के सदस्य केरल में सबरीमला मामले पर जारी हिंसा और द्रमुक सदस्य कावेरी मामले पर नारेबाजी कर रहे थे। सभापति नायडू ने सभी सदस्यों से नियमों के तहत ही चर्चा कराने की बात कहते हुए अपने स्थान पर जाने को कहा।

हंगामा नहीं रुकने पर नायडू ने 15 मिनट के अंदर की सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू हुई तब सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस के सदस्य सीबीआई के कथित दुरूपयोग का नारा लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए। सपा के नीरज शेखर और कुछ अन्य सदस्य उप सभापति हरिवंश के समक्ष कुछ कागज लहराते हुए भी देखे गए।

कांग्रेस के सदस्य आगे की पंक्ति की तरफ आ कर राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराए जाने की मांग कर रहे थे। हंगामे के बीच ही, आसन की अनुमति से आयुष मंत्री श्रीपाद यसो नाइक ने राष्ट्रीय भारतीय आयुर्विज्ञान प्रणाली आयोग विधेयक तथा राष्ट्रीय होम्यौपैथी आयोग विधेयक पेश किए।

उन्होंने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक तथा होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक को सदन की अनुमति से वापस ले लिया। इसके बाद उप सभापति ने सपा नेता प्रो रामगोपाल यादव को उनकी बात रखने के लिए कहा। किंतु यादव ने आसन से कहा कि उप सभापति पहले सदन को सामान्य स्थिति में लाएं तभी वह अपनी बात कह सकते हैं।

हरिवंश ने आसन के समक्ष आ कर नारेबाजी कर रहे सदस्यों से उनके स्थानों पर वापस लौट जाने को कहा ताकि सपा नेता यादव अपनी बात रख सकें। किंतु अपनी अपील का कोई असर न होते देख उन्होंने दो बज कर करीब पांच मिनट पर बैठक को पंद्रह मिनट के लिए स्थगित कर दिया। बैठक फिर शुरू होने पर सदन में वही नजारा देखने को मिला।

उप सभापति हरिवंश ने यादव से फिर उनकी बात रखने को कहा। यादव अपने स्थान पर खड़े भी हुए किंतु हंगामे की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा कि वह ऐसे में अपनी बात नहीं कह सकते। सदन में हंगामा थमते न देख उप सभापति ने दोपहर दो बज कर करीब 23 मिनट पर बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।